आशा अपने लक्ष्यों पर खरी उतरे - जिला कलेक्टर
पाली १५, दिसम्बर। पाली जिले में परिवार कल्याण, जननीसुरक्षा योजना, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गति प्रदान करने की दिशा में आशा सहयोगिनी की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बांगड़ चिकित्सालय, पाली परिसर में बुधवार को प्रात: १० बजे से आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया।
आशा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये जिला कलेक्टर महोदय नीरज के. पवन ने जिले भर से दुर्गम स्थानों से आयी आशाओं का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि आपको यहां पर जिस उद्देश्य को लेकर आमंत्रित किया है आप उसी आशा एवं विश्वास के साथ ईमानदारी पूर्वक स्वास्थ्य क्षैत्र में आवंटित लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुये " एक मिल के पत्थर की तरह" काम करेगी।
उन्होंने आशा को सम्बोधित करते हुये कहा कि गर्भवती महिला के प्रसव से पूर्व एवं पश्चात सभी जांचे एवं शिशु टीकाकरण का समयबद्ध तरीके से टीकाकरण हो तथा एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहे इसका ध्यान एएनएम एवं आशा को रखना है तथा यदि कोई बच्चा टीकाकरण से छूट जाता है तो संबंधित एएनएम व आशा की जिम्मेवारी होगी और वे पूर्ण रूप से इसके लिये जिम्मेवार रहेंगे।
जिला कलेक्टर श्री नीरज के पवन ने सुमंगला योजना की भी आशाओं को जानकारी देते हुये बताया कि आपके क्षैत्र में सुमंगला योजना से संबंधित कोई भी महिला लाभान्वित होने से वंचित नहीं रहे इसकी भी सुनिश्चितता तय करे।
उन्होंने टीकाकरण पर जोर देते हुये कहा कि आप अपने क्षैत्र में व्यापक सर्वे कर पता लगाये कि आपके क्षैत्र में ०-५ वर्ष तक कुल कितने बच्चे है जो कि टीकाकरण से वंचित है उन्हें भी टीका समय पर लगे एवं जिले में किसी भी सूरत में एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहे इसकी पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिये, कोई भी बच्चा वंचित पाया गया तो संबंधित एएनएम,आशा के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी।
न्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम के लक्ष्य को भी प्राप्त करने हेतु आशाओं को संबोधित करते हुये कहा कि आप अपने क्षैत्र में सर्वे करे एवं १ एवं २ से अधिक नसबन्दी योग्य दम्पत्तियों से सम्पर्क कर उन्हें नसबन्दी कराने हेतु प्रेरित करे एवं राज्य सरकार एवं शनिधाम ट्रस्ट द्वारा दी जाने वाली सहायता से भी उन्हें अवगत कराये, एवं क्षैत्र में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करे एवं इस वित्तीय वर्ष से पूर्व शत-प्रतिशत लक्ष्य की सुनिश्चितता तय करे।
उन्होंने सुमंगला योजना के साथ दो बच्चियों पर नसबन्दी कराने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में भी जानकारी दी।
कलेक्टर महोदय ने जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में अब तक गर्भवती महिलाओं की संख्या के बारे में जानकारी चाही जिस पर उन्होंने बताया कि जिले में अब तक ३९००० गर्भवती महिलाएं है।
जिला कलेक्टर नीरज के. पवन ने जिला स्तरीय आशा सम्मेलन में सम्बोधित करते हुये कहा कि जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाली आशा को २६ जनवरी पर सम्मानित करने हेतु जिला समन्वयक आशा को निर्देशित किया कि वे जिले में जिस आशा द्वारा श्रेष्ठ कार्य किया जाय उसका नाम भिजवावे, जिस पर सम्मेलन में उपस्थित दाती महाराज श्री मदन राजस्थानी द्वारा घोषणा की गई की जिस आशा द्वारा जिले में सर्वश्रेष्ठ कार्य किया जायेगा उसको शनिधाम ट्रस्ट, आलावास की तरफ से ११ हजार रूपये दिये प्रोत्साहन स्वरूप दिये जायेंगे।
दाती महाराज मदन राजस्थानी ने जिला स्तरीय आशा सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि जिला प्रशासन तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पाली के संयुक्त तत्वावधान में तथा श्री आश्वासन बाल ग्राम संस्थान, आलावास, सोजत,जिला-पाली,संचालित श्री शनिधाम ट्रस्ट के आर्थिक सहयोग से पाली जिले के बी.पी.एल. के अलावा अन्य सभी ए.पी.एल परिवारों के लिये भी बेटी बचाओं अभियान की कड़ी में यह योजना संचालित की जा रही है, उन्होंने जिले में चल रही सुमंगला योजना के उद्देश्यों की जानकारी देते हुये बताया कि प्रत्येक गांव में जो आशा लगी हुई है वो अपने क्षैत्र में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करे ताकि अधिक से अधिक इस योजना से लाभान्वित हो सके। उन्होंने इस मौके पर श्रैष्ठ कार्य करने वाली आशा को शनिधाम ट्रस्ट की ओर से २६ जनवरी को ११०००ञ्च- नगद देने की घोषणा की, साथ ही चिकित्सा विभाग की ओर से ७ अप्रेल-२०१० को मनाये जाने वाले "विश्व स्वास्थ्य दिवस" को शनिधाम ट्रस्ट, आलावास में ही विशाल सम्मेलन रखने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर दाती मदन महाराज जिला कलेक्टर श्री नीरज के.पवन, श्रीमती जिला कलेक्टर मोनिका पवन, जिला प्रमुख खुशवीरसिंह ने सुमंगला योजना के तहत् दस महिलाओं को लाभान्वित किया गया, जिसमें ६ महिलाओं को ३१-३१ सौ रूपये तथा ४ महिलाओं को ६१-६१ सौ रूपये की राशि का चैक प्रदान किया गया, साथ ही दाती महाराज ने इन योजनाओं के तहत् लाभान्वित होने वाली महिलाओं को अलग से एक-एक कम्बल तथा पांच-पांच सौ रूपये की नगद राशि दी गई।
जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाली २१ आशाओं को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में आये अतिथियों का विभाग की ओर से माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
जिला प्रमुख खुशवीरसिंह जोजावर ने जिला स्तरीय आशा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि- माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों से पंचायती राज विभाग को मजबूत किया गया है, जिससे सभी की जिम्मेदारियां और बढ़ गई है और हमें राज्य सरकार के प्रयासों पर खरा उतरना है एवं आशा एवं भावनाओं के अनुरूप हमें कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करना है। उन्होंने जिले में चल रही सुमंगला योजना की भी भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुये कहा कि जिले में यह एक अनुकरणीय योजना है।
जयपुर से आये एसएचआरसी के अधिशाषी निदेशक शिवचन्द्र माथुर ने जिला स्तरीय आशा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये कहा कि जिला कलेक्टर महोदय के अथक प्रयासों से जो जिला स्तरीय आशा सम्मेलन रखा गया है व निश्चित रूप से राज्य में सराहनीय कदम है एवं इस सम्मेलन के बाद दूसरे जिले भी इससे प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेने के बाद पता चला कि राज्य सरकार की और से आशाओं के लिये जो प्रयास किये जा रहे है उसमें आशाओं की भी महत्ती भूमिका है तथा आशाओं को भी राज्य सरकार के आकांक्षा के अनुरूप उस पर खरा उतरने के लिये पूरी मेहनत व ईमानदारी से कार्य करेंगे तभी हम सब एक मिश्न के रूप में सफल हो सकेंगे।
उपनिदेशक आईसीडीएस श्रीमती उषापुरी ने आशाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि- हमें जिले में मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु को कम करने की दिशा में अभी से जुट जाना है तथा जिला कलेक्टर महोदय द्वारा दिये गये निर्देश के अनुरूप कार्य करते हुये गर्भवती महिला की १० ग्राम से कम हिमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने हेतु उन्हें नियमित रूप से आयरन की गोलियां खिलाने की जिम्मेवारी भी आशा की है अत: "७ अप्रेल-२०११ तक विश्व स्वास्थ्य दिवस-२०११ तक हमें उनकी आशाओं पर खरा उतरना है। उन्होंने जिले भर में बच्चों को समय पर टीके लगवाने, बच्चों को कुपोषण से बचाव आदि पर पर विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० युद्धवीर सिंह राठौड़ ने जिला स्तरीय आशा सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में आशा की भूमिका महत्वपूर्ण है एवं आशा विभाग की धुरी है, धुरी सही होती है तो सब कुछ अच्छा होता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आशा का सहयोग सक्रिय रूप से चिकित्सा विभाग को निरन्तर मिल रहा है तथा आशा के माध्यम से ही हम शत-प्रतिशत लक्ष्य को पूर्ण करेंगे। उन्होंने सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि- आशाओं को समय पर भुगतान हो इसकी सुनिश्चितता तय करे, उन्होंने कहा कि जहां कही भी आशाओं को भुगतान में विलम्ब होता है तो तुरन्त उन्हें सूचित करे। उन्होनें कहा कि हमें अभी से एएनएम के साथ जुटकर हमें हमारे लक्ष्य तक पहुंचना है। उन्होंने जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी को भी निर्देशित किया कि वे टीकाकरण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण करे तथा एमसीएचएन दिवस पर टीकाकरण अधिक से अधिक हो। उन्होंने कहा कि जो भी बच्चे छूट गये है उनको भी शामिल करते हुये शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जाय। उन्होंने निर्देशित किया कि टीकाकरण के लिये अभी से कार्य योजना बनाये।
जयपुर से आये राज्य आशा सलाहकार मोहित शर्मा ने कहा कि- जिला स्तरीय आशा सम्मेलन निश्चित रूप से जिले के लिये एक उपलब्धि व यादगार के रूप में रहेगा तथा इस सम्मेलन में आशाओं में जो जोश भरा है उसी अनुरूप कार्य करते हुये वे चिकित्सा विभाग के लक्ष्यों को हासिल करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
उन्होंने आशाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि वे शत-प्रतिशत लक्ष्य अर्जित करने में पूर्ण भागीदारी निभाये।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी(प.क.) डॉ० सुशीलकुमार शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि- पाली जिले में कार्यरत आशाओं के माध्यम से ही हम अपने लक्ष्य पर शत-प्रतिशत खरा उतरे है एवं इस वर्ष भी हम लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे।
जिला परियोजना प्रबन्धक श्री आशीष दाधिच ने जिला स्तरीय सम्मेलन में आशाओं द्वारा किये गये कार्यो पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं उन्होंने सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से सी.आर.एम. की विजिट की पूर्ण तैयारियां करने हेतु निर्देशित किया।
जिला आशा समन्वयक श्री गणपत चौधरी ने जिला स्तरीय सम्मेलन में जिले भर से आई हुई आशाओं के कार्यो के बारे में सभी को विस्तार से जानकारी दी ।
सम्मेलन में जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० मधु रतेश्वर, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डा. पी.सी. दीपन, जिला शिक्षा एवं प्रचार अधिकारी लालसिंह देवड़ा, जिला लेखा प्रबन्धक अरविन्द शर्मा, जिला आई.ई.सी. समन्वयक नन्दलाल शर्मा, जिला आयुष समन्वयक डॉ. उमेश शर्मा, जिला प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षक के.सी.सैनी सहित सभी ब्लॉक के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।
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