दो वर्ष कार्यकाल पर विशेष
विकास को तरसा पचपदरा विधानसभा क्षेत्र
अपनी ही सरकार के खिलाफ डोली मे धरना देना ही विधायक की सबसे बड़ी उपलब्धि
भैरूसिंह भाटी
बालोतरा। पचपदरा क्षेत्र के विधायक मदन प्रजापत का दो वर्ष का कार्यकाल भले ही जनता के लिए लाभदायक नहीं साबित हुआ हो लेकिन विधायक को इन दो वर्षो मे शायद बहुत सबक सिखने को मिले है। उनके दावों के मुताबिक दो वर्षो मे बालोतरा मे मीठा पानी तो नहीं पहुंचा लेकिन पानी सहित अन्य मुद्दो को लेकर खड़ी हुई परेशानियों ने विधायक के प्रोग्रेस कार्ड का कच्चा चि_ा खोल कर रख दिया है। शहर मे मीठा पानी तो दूर लोग खारे पानी को भी तरस गए है। दो वर्षो मे जितने विवाद जमीनो के अवैद्य खरीद-फरोख्त को लेकर सामने आये है उतने बीते पांच वर्षो मे कभी नहीं देखे गए।
विधायक साहब के प्रारंभिक कार्यकाल मे ही जसोल गांव मे पानी मांग रहे लोगों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। मजबूर लोग विधायक की दर पर न्याय मांगने पहुंचे तो सिवाय आश्वासन के कुछ भी नहीं मिला। जसोल मे लोगों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलकर कस्बे से उपखण्ड मुख्यालय तक पैदल जुलूस निकाला था, उसमें भी विधायक कहीं नजर नहीं आये। जसोल की जनता ने जिस मदद की आस मे विधायक का दरवाजा खटखटाया था, वो कहीं नजर नहीं आयी और पुलिस ने उल्टे पीटने वाले लोगों पर ही मुकदमा दर्ज करवा दिया। प्रशासन मे विधायक की कमजोर पकड़ का यह अकेला उदाहरण नहीं है, यह तो एक बानगी भर है। दो वर्ष के कार्यकाल का सिलेसिलेवार अवलोकन किया जाए तो विधायक की राजनैतिक, प्रशासनिक कुशलता कितनी है, यह सच्च सामने आ जाता है।
अपनी सरकार के विरूद्ध बैठे धरने पर
पचपदरा विधानसभा क्षेत्र मे विकास की उपलब्धियां गिनाने के लिए शायद विधायक पास कुछ न हो लेकिन हम आपको बता दें विधायक मदन प्रजापत की बीते दो वर्षो की सबसे बड़ी उपलब्धि डोली गांव मे जोधपुर सरहद मे राजस्थान के यशस्वी व लोकप्रिय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ धरने पर बैठना रहा। साहब ने अपनी सरकार के खिलाफ धरना देकर डोली व उसके आस-पास के किसानों व ग्रामीणों को अपने पक्ष मे करना चाहा। लेकिन दो महिने तक परेशानियां झेल चुके लोगों ने विधायक साहब के धरने मे साथ नहीं दिया। प्रजापत ने अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देकर किसानों व ग्रामीणो को लाभ दिलाने का भरसक प्रयास किया लेकिन वे तब असफल हो गए जब लोगों को आशातीत मुआवजा नहीं मिला। नाममात्र के मुआवजा मिलने के कारण डोली व आस-पास के गांवो के ग्रामीणो मे आज भी विधायक के प्रति रोष व्याप्त है।
चुनावो मे हारे ही हारे
विधायक के कार्यकाल मे हुए चुनावों के दौरान विधायक की गलतियों का ही नतीजा रहा कि नगरपालिका अध्यक्ष का पद कांग्रेस के हाथ से निकल गया। सांसद चुनाव मे भी विधायक भले ही दिनरात दौड़े लेकिन पचपदरा विधानसभा क्षेत्र मे आशातीत वोट अपनी पार्टी को नहीं दिला सके। नगरपालिका के चुनावो मे टिकट वितरण के दौरान जिस प्रकार कांग्रेस के ही संगठन पदाधिकारियों व कार्यकत्र्ताओं ने विधायक का पूरजोर खुला विरोध किया था, उससे यही समझ मे आता है कि विधायक और संगठन मे तालमेल बीते दिनो की बात हो गई है। नगरपालिका के अध्यक्ष पद को गंवाने के बाद विधायक ने भागते भूत की लंगोटी भली की तर्ज पर उपाध्यक्ष पद पर गोटीयां बिठानी चाहिए, लेकिन राजनैतिक का लम्बा अनुभव नहीं होने के कारण जिस आदमी को रात मे अपने साथ मे मिलाया था वो चुनाव जीतने के बाद विधायक को ठेंगा दिखा गया। साहब को न माया मिली न राम। स्थानीय चुनावो मे भी विधायक समर्पित प्रत्याशी परीक्षा मे बैठने से पहले ही असफल हो गए। यह सारे उदाहरण विधायक की राजनैतिक कुशलता की पोल खोल रहे है। हां सफलता के लिए विधायक साहब ने पंचायत समिति बालोतरा की प्रधान सीट पर जरूर कब्जा किया।
यह है गिनाने लायक उपलब्ध्यिां
डोली गांव मे रसायनिक पानी के खेतो मे भर जाने के दो माह बाद विधायक मदन प्रजापत अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे गए। बावजूद इसके यहां के लोगों को विधायक के धरने का कोई ज्यादा फायदा नहीं हुआ।
* जसोल मे पानी के नाम पर लोगों की पिटाई हुई।
* नगरपालिका चुनाव मे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष दोनो पदो पर कांग्रेस हारी
* उपाध्यक्ष चुनाव मे नाटकीय मोड़ मे विधायक साहब को मुंह की खानी पड़ी। विधायक राजनैतिक चाल को समझ नहीं पाये। दिनभर जिसको गोदी मे उठाकर घूमे उसी ने शाम को दगा दे दिया और उपाध्यक्ष पद भी कांग्रेस की झोली से सिटक गया।
* माजीवाला व बिठूजा मे अपने चेहतो को सरपंच चुनाव मे जीताने के लिए विधायक साहब ने पूरी ताकत झौंक दी थी लेकिन वहां पर उन्हे सफलता नहीं मिली।
* दो वर्षो के दौरान कई मंत्री आये और गए-लेकिन मीठा पानी, ओवरब्रिज, बालोतरा को जिला बनाने सहित किसी भी मांग या उन पर घोषणा नहीं करवा सके।
* राजकीय नाहटा चिकित्सालय मे पद रिक्त रहे, कई डॉक्टर विधायक की डिजायर के बावजूद नहीं हटे।
* नाहटा चिकित्सालय मे अव्यवस्थाओं का आलम रहा।
* विधायक बनने के बाद मात्र एक बार विधायक ने हॉस्पीटल का निरीक्षण किया।
* पालिका की जमीन से अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर दोहरी नीति।
* रिंग रोड़ बनाने की मांग विधायक ने प्रमुखता से की है।
* अतिक्रमण हटाने के मामलो मे कांग्रेसी पार्षदो का साथ नहीं दिया साहब ने।
* पालिका क्षेत्र मे जमीन घोटालों को लेकर चर्चा मे रहे।
हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बालोतरा। सिवाना पुलिस ने मंगलवार को विद्युत विभाग के सतर्कता दल पर हमला करने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने मे सफलता हासिल की है। थानाधिकारी रामवीर जाखड़ ने बताया कि थाने मे दर्ज मुकदमे के मुख्य आरोपी ओमाराम पुत्र जीवाराम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस शेष आरोपियों की धर पकड़ मे जुटी है। गौरतलब है कि विद्युत चोरी की रोकथाम करने गए डिस्कॉम के दल पर आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया था।
किसान यूनियन की आम सभा आयोजित
बालोतरा। सिवाना उपखंड मे आज बिन मौसम बरसात से फसलो मे हुये खराबे के मुआवजे की मांग को लेकर किसान यूनियन के बैनर तले किसानो ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरुवात की है। किसान यूनियन के बैनर तले उपखण्ड कार्यालय के सामने आयोजित हुई किसानों की बैठक मे हजारों किसानो ने एक सुर मे फसले खराबे के मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन उतरने का संकल्प लिया। किसानों को जयपुर से आये पूर्व मंत्री नरपतसिंह राजवी, यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजपालसिंह, स्थानीय इकाई अध्यक्ष केसरसिंह राठौड़ ने भी संबोधित किया। बैठक मे आये किसान फसल बीमा क्लेम, बिजली आदिकी समस्याओं के निारण के लिए रूपरेखा बनाने आयेथे। लेकिन किसान नेताओं नेइस बैठक मे राजनीति के रंग भर दिए। सभी किसान नेताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधने मे कोई कसर नहीं छोड़ी।
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