बुधवार, 25 दिसंबर 2013

खुशियां बांटिए...खुशियां मिलेंगी


Merry Christmas

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खुशियां बांटिए...खुशियां मिलेंगी
Delhi, Wed Dec 25 2013, 10:18 AM
खुशियां बांटिए...खुशियां मिलेंगी

सांता क्लॉज... नाम तो जरूर सुना होगा आपने। सांता का नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। सांता सबको खुशियां बांटता है और बदले में कुछ नहीं चाहता। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में भी कई दिक्कतें, कई परेशानियां हैं। अगर हम सांता बन जाएं और सबको खुशियां बांटना शुरू करें तो खुद-ब-खुद ढेरों खुशियां हम तक लौटकर आएंगी। खुशियां बांटना इस दुनिया का सबसे आसान काम है। इसके बदले में हम तक वापिस परम आनंद लौटकर आता है। आज क्रिसमस है...प्रभु यीशु इसी दिन पैदा हुए थे। इस दिन को हमेशा के लिए खास बनाने के लिए संकल्प लें कि हम भी बनेंगे सांता और लुटाएंगे खुशियां।


हर इंसान खुशियों की बाट जोह रहा है... सबको लगता है कि सांता आएगा और खुशियां लुटाएगा, पर खुशियां पाने और लुटाने के लिए क्यों न हम खुद ही सांता बन जाएं। सांता खुशियों की झोली में हर किसी के लिए कुछ न कुछ लेकर आता है। सबको देता है, किसी से कुछ नहीं लेता। उसका काम ही है- खुशियां बांटना। अगर आप सबको खुशियां बांटना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको खुद को खुश करना होगा। अगर आप खुद खुश नहीं हैं तो सांता कभी नहीं बन सकते। सांता के चेहरे पर तो हमेशा मुस्कान रहती है, यह मुस्कान आप भी अपने चेहरे पर लाइए और दूसरों को मुस्कुराहट बांटिए। भागदौड़ भरी जिंदगी में खुशियां ही आपको जीने की राह दिखा सकती है तो इस क्रिसमस खुश होने और दूसरों को खुशियां लुटाने के लिए हो जाइए तैयार।


खुद को करें खुश
हो सकता है कि आपको अपनी मनचाही मंजिल अभी तक नहीं मिल पाई हो... क्या हुआ अगर मनचाही चीजें नहीं मिल पाईं। आपको जो मिला है, उसे ही एन्जॉय करना सीखें। अच्छे की आस रखें, पर जो आपके पास है, उसे तो सराहें। खुद को अभागा मानने से क्या होगा। प्रभु यीशु के जन्मदिन पर खुद को सौभाग्यशाली मानना शुरू कर दें। आपको जो भी नियामतें मिली हैं, उनके लिए शुक्रिया कहें। हर किसी पर शक करने की आदत को हमेशा के लिए छोड़ दें। अपने आस-पास निगाह दौड़ाएं। सुबह की पहली किरण, पीने के लिए साफ पानी, सांस लेने के लिए ताजी हवा... कितना कुछ है आपके पास जिंदगी को भरपूर तरीके से जीने के लिए। हो सकता है कि ये चीजें आपको छोटी लगें, पर इन्हीं छोटी-छोटी चीजों में वास्तविक खुशियां छिपी हैं।


क्यों नहीं हम इन खुशियों का महत्व समझते, क्यों नहीं हम इन चीजों के लिए कुदरत को धन्यवाद देते? अगर आप आज सुबह पूरी तरह से स्वस्थ उठे हैं, मन पूरी तरह से उल्लासित है और कुछ सपनों को पूरा करना चाहता है तो तय मानिए कि आज का दिन आपके लिए अच्छा गुजरेगा। मन लगाकर कड़ी मेहनत करें और छोटी-छोटी चीजों के लिए ईश्वर को धन्यवाद कहें। जो काम आप करना चाहते हैं, उसे आंखों के सामने साकार होता देखने की कोशिश करें। आप सांता हैं और जो भी आप खुद के लिए मांगेंगे, वह आपको खुद-ब-खुद मिल जाएगा। सबसे जरूरी है मांगना और फिर मांगी हुई चीज को पाने के लिए तैयार रहना। खुशियां मांगिए... खुशियां मिलेंगी।


आप भी बन सकते सांता क्लोज...
बच्चे
बच्चों को खुशियां देना चाहते हैं तो उनके अंदर कौतूहल पैदा करें। विश्वास जगाएं कि दुनिया बेहतर है। उन्हें अच्छे संस्कार दें। हर काम में उनकी मदद करने की कोशिश से बचें। उन्हें काम खुद करने दें और आप उनके पीछे खड़े रहें। उन्हें किसी तरह की दिक्कत आए तो आप संभालें। बच्चों के लिए सांता बनना है तो उन्हें क्वालिटी टाइम दें। उनकी हर मांग पूरी करने की बजाय अच्छे और बुरे में फर्क करना सिखाएं।

माता-पिता
माता-पिता ही हमारे जीवन के सांता क्लॉज हैं। जीवनभर हमारे लिए कुछ न कुछ करते हैं। आप अगर उन्हें खुशियां देना चाहते हैं तो उन्हें सम्मान दें। उनके अनुभव का लाभ लेते रहें। उनकी बातों को सिरे से खारिज करने से बचें। उनकी बातों को दकियानूसी ठहराने की आदत बदल डालें। अपनी सफलता के लिए उन्हें क्रेडिट दें। उनके लिए हमेशा उपलब्ध रहें। उनका साथ रहेगा, तो घर में चारों ओर खुशियां बिखरी रहेंगी।


कार्यस्थल पर बांटें खुशियां
बॉस
ऑफिस में सांता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। काम का तनाव, टारगेट पूरा करने का तनाव, प्रमोशन का तनाव... ढेर सारे तनावों के बीच में आप सांता बनकर सबके चेहरों पर मुस्कान ला सकते हैं। आपको सोचना चाहिए कि बॉस भी इंसान है, उसके सामने भी परेशानियां आती हैं। ऎसे में अगर आप उसे सपोर्ट देंगे तो वह खुश होगा। बिना कहे उसके काम में मदद करेंगे, तो उसके चेहरे की खोई रौनक लौट आएगी।

सहकर्मी
कई सहकर्मी एक-दूसरे पर अविश्वास करते हैं। उनके मन में एक-दूसरे के लिए वैर-भाव रहता है। जबकि सच्चाई तो ये है कि बिना सहकर्मी के आप किसी भी काम को अंजाम तक नहीं पहुंचा सकते। इस क्रिसमस पर आप सारे गिले-शिकवे मिटाकर अपने सहकर्मियों के मन में खुद के लिए विश्वास पैदा करें। उनका दिल जीतने की कोशिश करें। जुबान और दिल दोनों से उनका भला सोचें। सबके साथ एक जैसा व्यवहार करें।

जूनियर
ऑफिस में सबसे ज्यादा जूनियर आपसे आस लगाता है। उसे लगता है कि आप उसके मेंटर बन सकते हैं। उसकी इच्छा पूरी करें, उसे सही राह दिखाएं। कॅरियर के शुरूआती दौर की दिक्कतों में हमेशा उसके साथ खड़े रहें। अपने अनुभव बांटें, बताएं किस तरह से तरक्की मिल सकती है। काम-काज का तरीका सिखाएं, उसे जिम्मेदारियां सौंपें। अगर काम के दौरान उससे गलती हो जाए तो सीधा बरसने की बजाय प्यार से समझाएं।

समाज में बांटें खुशियां
निशक्तजन
समाज के निशक्तजन को सबसे ज्यादा आपकी जरूरत है। उनके लिए सांता बनेंगे तो आपको ढेरों दुआएं मिलेंगी। आपको उनके खोए हुए विश्वास को वापिस लौटाना है। उन्हें खुश करने के लिए आपको उन्हें सम्मान देना है। अगर राह में कोई निशक्तजन मिले तो उसे नजरअंदाज न करें। उस पर गौर करें। उसके प्रयासों को सच्चे दिल से सराहें। उसे किसी तरह की दिक्कत हो तो सारे काम छोड़कर उसकी मदद करें।


अजनबी
समाज में संवेदनाएं तेजी से खत्म होती जा रही हैं। मान लीजिए आप रात में अपनी गाड़ी से घर जा रहे हैं और रास्ते में कोई दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और कोई व्यक्ति पड़ा है तो अक्सर बिना रूके आगे निकल जाते हैं। इंसान होने के नाते आपको वहां रूकना चाहिए और अजनबी व्यक्ति की खैर-खबर लेनी चाहिए। राह में कोई मदद की गुहार कर रहा है तो उसकी पूरी बात सुननी चाहिए। आपको असल में सांता बनना है तो ऎसे लोगों की मदद करें।


गरीब
इस क्रिसमस पर आप किसी गरीब के लिए सांता बन सकते हैं। उसे रोजगार का सही साधन सुझा सकते हैं। उसकी परेशानियों को दूर करने का तरीका बता सकते हैं। उसे किसी खास काम में दक्ष होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, ताकि वह अपनी आय बढ़ा सके। सरकारी योजनाओं का सही तरह से इस्तेमाल करने में उनकी मदद कर सकते हैं। आप उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।