माता-पिता की सेवा ही तीर्थ है : ब्रह्मऋषि तुलछारामजी महाराज
प्रेम भाव दिव्य सभा मे बही प्रेम की बयार, उमड़े हजारों भक्तगण
कार्यालय संवाददाता
बालोतरा 15 january । श्री खेतेश्वर तीर्थ ब्रह्मधाम आसोतरा पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष आयोजित श्री गुरू ब्रह्मा प्रेमभाव दिव्य सभा को संबोधित करते हुए अनंत विभूषित ब्रह्मऋषि ब्रह्मचार्य ब्रह्म सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर तुलछाराम महाराज ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढकर कोई तीर्थ नहीं है, जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में अपने माता-पिता की सच्ची सेवा की है, उसका जीवन स्वत: ही सफल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों का रिश्ता करने के पश्चात तोडऩा गलत है जिससे समाज मे संदेश भी गलत जाता है। ब्रह्म सरोवर पर आयोजित प्रेमभाव दिव्य सभा को संबोधित करते हुए ब्रह्मधाम गादीपति तुलछाराम महाराज ने कहा कि शराब के नशे से दूर रहे तथा जहां शराब है वहां मैं नहीं, जहां मैं हूं वहां शराब नहीं। शराब से दूर रहने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि शराब पीने वाले लोगों की संगत नहीं करें। जो युवा शराब, सट्टा तथा पर नारी का सेवन करते है वे महापापी है।
उन्होंने कहा कि एक नारी सो ब्रह्मचारी, सद गृहस्थी एक नारी का व्रत पालन करने वाला किसी ब्रह्मचारी साधु से कम नहीं होता है। गादीपति ने अपने प्रवचन मे कहा कि अनीति से कमाया हुआ धन कष्ट का कारण होता है, धन की तीन गति होती है-दान, भोग और नाश, अत: शुद्ध कमाई से अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करें।
उन्होंने कहा कि गाय व कन्या को दान करने से तुम्हारा इस लोक व परलोक जीवन भी सफल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरू महाराज ब्रह्मर्षि खेतारामजी कोई साधारण महात्मा नहीं थे वे भगवान ब्रह्माजी के अवतार थे। उन्होंने भगवान ब्रह्माजी को ब्रह्मलोक से आह्वान कर पृथ्वी लोक पर लाकर श्री ब्रह्माजी को प्रताष्ठित किया। उन्होंने पुरोहितों की शुद्ध कमाई से मंदिर का निर्माण और मूर्ति प्रतिष्ठा की। उन्होंने कहा कि गुरू महाराज के बताये रास्ते पर चलेगें तो आपका जीवन स्वत: ही धन्य हो जाएगा।
ब्रह्मधाम गादीपति ने कहा कि गुरू महाराज की 100वीं जन्म जयंति व बहुत बढ़े यज्ञ अनुष्ठान की तैयारियां प्रारंभ करनी है, शताब्दी महोत्सव पर सारे विश्व मे गुरू महाराज का नाम पहुंचे जिससे संसारीयों का कल्याण हो। यह मेरी कामना है। ब्रह्मधाम गादीपति अपने गुरू की याद में भाव विभोर हो गए तथा आंसू भी नहीं रोक पाये। प्रेम भाव दिव्य सभा को संबोधित करते हुए बडग़ांव के मंहत लेहर भारती महाराज ने कहा कि जिस घर मे पुण्य का वास होता है वहां साधु संतो का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों मे सतकर्म व अच्छे संस्कार से उनके जाने के पश्चात भी उनके परिवार जन उनके पदचिन्हो पर चलते है तो वह परिवार फलीभूत होता है।
राजस्थान गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित शिवतलाव ने कहा कि गौ माता की सेवा करना माता की सेवा के समान होती है। प्रेमभाव दिव्यसभा के साथ श्री खेतेश्वर विशाल नेत्र चिकित्सा शिविर के समापन अवसर पर ब्रह्मधाम तीर्थ ट्रस्ट महामंत्री भंवरसिंह राजपुरोहित कनाना ने मंदिर के इतिहास की जानकारी से अवगत कराने के साथ सभी का आभार जताते हुए कहा कि 17 वां नेत्र चिकित्सा शिविर मे 375 रोगियों की आंखो की जांच की गई तथा 50 रोगियों के लैंस प्रत्यारोपण किया गया व 150 रोगियों को नि:शुल्क चश्मे दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गणपतसिंह राठौड़ ने कहा कि उम्र के लिहाज से आंखो की रोशनी कम होती है उसके फैको पद्धति से लैंस बदलने से आंखो की रोशनी लौट आती है।
प्रेमभाव दिव्यसभा मे मंच पर आसीन ब्रह्मधाम तीर्थ गादीपति तुलछाराम महाराज का ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर बहुमान किया गया। इस अवसर पर मंच पर बाबुगिरी महाराज पुनासर, प्रेम भारती गजीपुरा, काशीनाथ महाराज करड़ा, नारायणदास महाराज, महामण्डलेश्वर राघवदास महाराज, चेतनगिरी डंडाली, अभयराम महाराज सिवाना, उमरलाई महंत रामानंद सरस्वती, सरस्वती नगर के हीरानंद सरस्वती, चेतनदास महाराज सहित पूर्व गृहराज्यमंत्री अमराराम चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वीराज दवे, पचपदरा तहसीलदार शैतानसिंह राजपुरोहित, पालिका उपाध्यक्ष रामलाल राजपुरोहित, देसुरी उपखण्ड अधिकारी मोहनसिंह राजपुरोहित, सांचौर पालिका ईओ प्रतापसिंह राजपुरोहित, विद्युत विभाग पचपदरा सहायक अभियंता भूपेन्द्रसिंह राजपुरोहित, मार्केटिंग सोसायटी अध्यक्ष बेरीसालसिंह उपस्थित थे।
ब्रह्मधाम तीर्थ ट्रस्ट द्वारा साधु संतो का बहुमान कर भेंट पूजा अर्पण की वहीं अतिथियों का साफा व माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर जोगराजसिंह राजपुरोहित, डॉ. सोहनसिंह राजपुरोहित, नाहरसिंह अराबा, गोपालसिंह राजपुरोहित, चंदनसिंह राजपुरोहित सिवाना, मोहम्मद युसुफ भांतगर, कृपा शंकर सुमेरपुर, तारांचद रेवतड़ा, सुलतानसिंह, बहादुरसिंह, गिरधारीसिंह राजपुरोहित, बाबुसिंह राजपुरोहित, मंगलसिंह कालुडी, वृद्धिचंद समदडी, पदमसिंह साथुनी, उत्तमसिंह राजपुरोहित फूलासर, सरपंच कुंपाराम पंवार, भोपालसिंह राजपुरोहित, घनश्यामसिंह, रूपसिंह राजपुरोहित, प्रभुसिंह पिलवा, रामसिंह नारवा, नाहरसिंह अराबा, जसराज, मदनसिंह, हेमसिंह महाबार, रिकोड अधिकारी सत्यनारायण पुरोहित, बुधसिंह, नारायणसिंह, जेठूसिंह सहित हजारों की संख्या मे भक्त भाविक उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन मनफूलसिंह राजपुरोहित ने किया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें