गुरुवार, 20 जनवरी 2011

पालिका ने स्ट्रीप की आड़ में लाखों की जमीन बेची कोडिय़ों के दाम

पालिका ने स्ट्रीप की आड़ में लाखों की जमीन बेची कोडिय़ों के दाम
जिला सतर्कता समिति में शिकायत दर्ज, फिर भी पालिका ने जारी की निर्माण एनओसी
बालोतरा, 19 जनवरी। बालोतरा नगरपालिका क्षेत्र में जमीनों की बढती कीमतों के मद्देनजर आम आदमी को आशियाना बनाने के लिए लाखों रूपये खर्च करने के बावजूद नाममात्र का भूखण्ड नसीब नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी ओर नगरपालिका ने नेता प्रतिपक्ष के एक रिश्तेदार को नियम विरूद्ध लाखों रूपये की जमीन को स्ट्रीप बताकर कोडिय़ों के दाम मे भेंट कर दी। मामले में जांच की शिकायतें होने के बावजूद नगरपालिका के अधिकरी आनन-फानन मे स्ट्रीप जमीन की कार्यवाही पूरी कर मामले को रफा-दफा करने मे लगे हुए है। यहां तक की स्ट्रीप का मामला जिला सतर्कता समिति मे दर्ज होने के बावजूद भी पालिका अधिकारियों ने जिला सतर्कता समिति को धत्ता बताते हुए आज स्ट्रीप भूमि पर निर्माण कार्य करने की अनुमति बैठक मे दे दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार -बालोतरा नगरपालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों ने नेता प्रतिपक्ष के दवाब मे आकर नगरपालिका की लाखों रूपये की भूमि को अनुचित तरीक से स्ट्रीप भूमि का हवाला देकर आवंटित कर दी। इस आवंटन मे पालिका के सरकारी नुमाइंदो व नेताओं ने अपने पदों का जमकर दुरूपयोग किया है।
सूत्रो के अनुसार नगरपालिका बालोतरा की लाखों रूपये की भूमि इन्द्रा गांधी प्रथम चरण रेडी संस्था के पास स्थित है, यहां पर जितेन्द्र कुमार खत्री को नियमों का उल्लंघन कर कानून को नजरअंदाज कर जानबूझ कर भ्रष्टाचार के उद्देश्य से स्ट्रीप भूमि आवंटन कर दी है। इसमें नगरपालिका के सरकारी व जनता द्वारा चुने हुए नुमाइंदो ने अपने पदों का जमकर दुरूपयोग किया है।
-प्राप्त सूत्रों के अनुसार पालिका मे जितेन्द्र कुमार खत्री को नीलामी के जरिए भूखण्ड विक्रय किया गया, जिसके भूखण्ड संख्या 86 थे तथा चम्पालाल मेवाड़ा को भूखण्ड संख्या 85 थे। जितेन्द्र कुमार खत्री को भूखण्ड संख्या 86 जो पालिका ने नीलामी से विक्रय किया गया जिसका पट्टा संख्या 164 दिनांक 13.6.2003 को जारी किया गया जिसमें चम्पालाल एवं जितेन्द्र खत्री के बीच कोई खांचा भूमि पास में नक्शे मे अंकित नहीं बतायी गई है।
-चम्पालाल व जितेन्द्र खत्री के बीच पचास गुणा पचास का भूखण्ड पालिका का स्थित है, जिसके नियमानुसार 25 गुणा 50 के दो भूखण्ड होते है जिसे नियमानुसार नीलामी करने का पालिका नियमों मे था लेकिन उक्त भूमि को स्ट्रीप की श्रेणी मे बताकर नियमों के विरूद्ध जो भूखण्ड से काटकर स्ट्रीप देना पालिका के नियमों के विरूद्ध व पालिका को नुकसान देना स्पष्ट होता है।
-दिनांक 16.9.2010 को प्रशासनिक कमेटी की बैठक थी, जिसमें अधिशाषी अधिकारी, सहायक लेखाधिकारी, पट्टाशाखा लिपिक, सर्वेयर, पालिका नेता प्रतिपक्ष आदि ने नियमों को ताक मे रखकर अनुचित तौर पर पालिका की भूमि के अन्दर से स्ट्रीप भूमि देने का प्रशासनिक कमेटी द्वारा अनुचित निर्णय लेकर पालिका को जान बूझकर मात्र भ्रष्टाचार के उद्देश्य से लाखों रूपये का नुकसान देकर अपने पदो का दुरूपयोग किया गया है।
-पालिका प्रतिपक्ष नेता रतन खत्री ने अपने पद का दुरूपयोग कर अपने नजदीकी रिश्तेदार भाणेज जितेन्द्र कुमार खत्री को पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों की मिली भगत से पालिका को लाखों रूपये का नुकसान पहुंचाकर स्ट्रीप भूमि गलत दिलायी है, कारण कि पालिका प्रतिपक्ष नेता खत्री स्वयं प्रशासनिक समिति की बैठक मे मौजूद थे। तथा 16.9.2010 की बैठक के दूसरे दिन ही 17.9.2010 को स्ट्रीप की राशि पालिका मे जमा करवा दी गई।
-प्रशासनिक कमेटी ने अपने निर्णय मे यह अंकित किया था है कि भूखण्ड संख्या 85एवं 86 के बीच 50 गुणा 50 फीट पालिका की भूमि है, जिसमें से 18 फीट जमीन काटकर स्ट्रीप भूमि दी जाती है तथा बकाया 32 गुणा 50 फीट भूमि नीलाम की जाएगी। कितुं प्रशासनिक कमेटी के सदस्यों को कानून की जानकारी नहीं है या जानबूझकर कानून को नजरअंदाज कर स्ट्रीप भूमि का अनुचित निर्णय लिया गया है, क्यों कि स्ट्रीप नियमों के अन्तर्गत यदि पड़ौस मे या आगे खांचा भूमि हो तो स्ट्रीप भूमि दी जा सकती है लेकिन पालिका के स्थित पचास गुणा पचास फीट के भूखण्ड के अंदर से स्ट्रीप भूमि देना नियम के विरूद्ध है।
-पालिका के इन्द्रागांधी नगर प्रथम चरण के भूखण्ड संख्या 86 जितेन्द्र कुमार खत्री के पास स्थित पालिका के 50 गुणा 50 फीट के भूखण्ड में से 18 गुणा 50 फीट भूमि गलत तरीके से नियम विरूद्ध मात्र 2,81,250 रूपये मे दी गई है लेकिन उसकी शेष भूमि 32 गुणा 50 फीट पालिका ने 16 दिसम्बर2010 को 25 लाख 78 हजार मे नीलाम की गई जिससे स्पष्ट साबित हो जाता है। उक्त सभी लोग मिलकर पालिका को लाखों रूपये का नुकसान पहुंचाया है।
प्राप्त सूत्रों के अनुसार उक्त स्ट्रीप भूमि को लेकर जिला सतर्कता समिति मे मामला पूर्व में दर्ज हो चुका है। जिसको नजरअंदाज करते हुए आज की बैठक मे जितेन्द्र कुमार खत्री को नियमों को ताक पर रखकर पालिका प्रतिपक्ष नेता के दवाब में भवन निर्माण की स्वीकृति दे दी है।

 पालिका में स्ट्रीप भूमि प्राप्त करने के लिए पेश किया गया नक्शा, जिसमें नगरपालिका की भूमि दर्शायी गई है।

नगरपालिका द्वारा पूर्व में जारी किए गए पट्टे के नक्शे में नगरपालिका की भूमि नहीं दर्शायी गई है।
टायरों की दुकान मे लगी आग, लाखों का नुकसान
बालोतरा, 19 जनवरी। बालोतरा के पशु चिकित्सालय के समीप छतरियों के मोर्चे पर स्थित एक टायर मरम्मत की दुकान मे आज सुबह पांच बजे अचानक आग भभक उठी। आग ने टायरों की दुकान के बाहर रखे नए व पुराने टायरों सहित विद्युत ट्रांसफोर्मर व एक मारिूत कार को चपेट मे ले लिया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब पांच बजे मैसर्स महेसाणा टार्यस रिट्रेडर्स की दुकान के बाहर रखे नए टायरों मे अचानक आग लग गई। आग की लपटों और गर्मी के वजह से दुकान के बाहर लगे बिजली के खंभो पर रखे विद्युत ट्रांसफॉर्मरों ने भी आग पकड़ ली और धमाके के सथ विस्फोट हो गया। जिससे पास में खड़ी एक मारूति कार भी चपेट में आ गई। टायरों की दुकान से आग उठती देखकर आस-पास रहने वाले लोग घटना स्थल पर पहुंचे और फायर बिग्रेड व पुलिस को सूचना दी। लोगों ने बताया कि फायर बिग्रेड को जानकारी देने के बावजूद काफभ् समय बाद भी फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। जिससे आग बढने लगी, मौके पर एकत्रित लोगों ने अपने निजी स्तर पर पानी के टैंकर मंगवाकर आग पर काबू पाया। इस दौरान मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद से भी लोग उलझ गए। आग बुझने के काफी समय बाद पहुंची फायरबिग्रेड गाड़ी के चालक द्वारा भी लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। जिसके चलते लोगों मे रोष व्याप्त हो गया। आक्रोशित लोगों ने फायर बिग्रेड की गाडी को आग पर पानी भी नहीं डालने दिया और बैरंग रवाना कर दिया। वार्ड पार्षद अमराराम माली ने बताया कि नगरपालिका की फायरबिग्रेड गाडी आगजनी में कभी भी समय पर नहीं पहुंच पाती है जो शर्म की बात है। वहीं स्थनीय लोगों ने बताया कि आगजनी की स्थिति में फायरबिग्रेड समय पर नहीं पहुंचती है। कई दुर्घटनाएं कारित होने के बावजूद फायरबिग्रेड कर्मचारी लापरवाह बने हुए लोगों ने फायर बिग्रेड के हालात नहीं सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
टायरों की दुकान पर लगी आग को बुझाते लोग, जले टायर व मारूति कार।





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