अस्थाई एनीकेट टूटा-घरों में घुसा रासायनिक पानी
पचपदरा विधायक प्रजापत के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने के बावजूद डोली के ग्रामीणों की पीड़ा आज दिन तक दूर नहीं हुई, बुधवार देर रात्रि को डोली सरहद में बना अस्थाई एनीकेट टूट गया जिससे डोली गांव की दो बस्तियों में रासायनिक पानी भर गया तथा हाईवे पर भी तेज बहाव के साथ पानी चला जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं डोली के आस-पास के खेतों में रासायनिक पानी घुस गया जिससे सारी फसलें तबाह हो गई।
बालोतरा। जोधपुर जिले की सीमा पर स्थित डोली गांव में जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्र सालावास, बोरानाडा आदि क्षेत्रों के कल कारखानों से निकल कर आने वाले रासायनिक पानी को रोकने के लिए डोली के समीप बनाया गया अस्थाई एनीकेट बुधवार देर रात्रि को टूट गया। जिससे डोली गांव की दो बस्तियों मे पानी भर गया। अचानक टूटे इस कच्चे एनीकेट ने रात्रि को चैन की नींद सोये ग्रामीणों को संभलने का मौका ही नहीं दिया। देखते ही देखते गांव की दो बस्तियों में पानी भर गया और लोगों का घरेलू सामान पानी में बह गया। देर रात्रि को टूटे इस अस्थाई एनीकेट के पानी ने अच्छे जमाने की आस में किसानों द्वारा खेतों में बोई गई फसलों को तबाह कर दिया।जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात्रि को डोली गांव के निकट बना अस्थाई एनीकेट टूट गया। जिससे डोली गांव की भील बस्ती, देवासी बस्ती व आस-पास की ढाणियों मे लगभग चार से पांच फीट पानी भर गया। जिससे ग्रामीणों मे अफरा-तफरी मच गई और सारा घरेलू सामान अंदर ही छोडक़र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। वाक्ये की जानकारी मिलने पर उपखण्ड अधिकारी ओमप्रकाश विश्रोई, तहसीलदार शैतानसिंह राजपुरोहित, नायब तहसीलदार दलपतसिंह, विकास अधिकारी रंजन कुमार कंसारा, थानाधिकारी मंडली रेंवतसिंह भाटी, थानाधिकारी कल्याणपुर मिश्रीमल माली मय जाब्ता के मौके पर पहुंचे तथा जिस स्थान से एनीकेट टूटा उस स्थान पर वापस रेत से भरे कट्टे डालने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। जिस पर उन्होंने खबर लिखे जाने तक रेत से कट्टे भराने का कार्य जारी था।
काम नहीं आया पचपदरा विधायक का धरना
डोली के किसानों व ग्रामीणों को न्याय दिलाने के लिए अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे पचपदरा विधायक मदन प्रजापत का धरना काम नहीं आया। कई परेशानियों झेल चुके डोली के वाशिन्दों को एक बार फिर तबाही का सामना करना पड़ा। किसानों की खेतों मे खड़ी फसलें तबाह हो गई और गांव में पानी के घुस जाने से ग्रामीणों का घरेलू सामान पानी बह गया और अब ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों की चिन्ता सताने लगी है।
गौरतलब है कि डोली के रासायनिक पानी के प्रकरण को लेकर विधायक मदन प्रजापत डोली सरहद में अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे थे, परंतु इस धरने का न तो किसानों को फायदा हुआ और न ही डोली के वाशिन्दों को। हुआ तो केवल नुकसान हुआ जो बुधवार देर रात्रि को डोली के लोगों ने देखा।
नाममात्र मिला था मुआवजा
इससे पूर्व जब डोली गांव में पानी घुसा था तथा किसानों की पक्की पकाई फसलों में रासायनिक पानी के घुस जाने से सारी फसलें तबाह हो गई थी। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से किसानों को मुआवजा भी दिया गया था, जो नाममात्र का था। जिसका यहां के किसानों ने जमकर विरोध किया था। मुआवजे की मांग व रासायनिक पानी रोकने के लिए तो विधायक साहब धरने पर बैठे थे। बावजूद इसके डोली सहित आस-पास के ग्रामीणों व किसानों के साथ इस रासायनिक पानी के मामले को लेकर न्याय नहीं मिला।
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