बुधवार, 31 अगस्त 2011

मौके पर बोर्ड नही तो 50 हजार का जुर्माना!

मौके पर बोर्ड नही तो 50 हजार का जुर्माना!
फिर भी आयुक्त बेबस
निजी सवांददाता
बाड़मेर, 30 अगस्त। नगरपालिका अधिनियम 2009 के मुताबिक भवन निर्माण करवाने वाले मालिक को साईड पर भवन निर्माण अनुज्ञा व कार्यो से संबंधित समूचित बोर्ड प्रमुखता से लगाना जरूरी होगा, ऐसा नही करने पर उसे 50 हजार का जुर्माना अदा करना पड़ सकता है। लेकिन बाड़मेर मे इस नियम की न तो पालिका आयुक्त पालना करवा रहे हैं न कोई भवन निर्माता इस तरह का बोर्ड लगा रहा है। इस कानून के उल्लंघन से लोग भवन निर्माण स्वीकृति के विपरित धड़ल्ले से निर्माण भी करवा रहे है। इससे पालिका को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 196 मे प्रावधान किया गया हैं कि कोई भी भवन निर्माता अपने भवन निर्माण की साईड पर 4ग4 फीट साईज का पक्का बोर्ड लगायेगा जिस पर भवन स्थल की प्रविष्ठियां जिसमें स्वामी का नाम, पता, फोन नंबर, नगरपालिका की स्वीकृति की संख्या, तारीख तथा प्रस्तावित निर्माण की प्रमुख जानकारी, बनाये जाने वाले तलों की संख्या, व प्रस्तावित निर्माण स्थल के नाप, पार्किंग स्थल आदि की जानकारी अंकित हो। यह बोर्ड उसे निर्माण स्थल पर ऐसी जगह लगाना होगा, जिस पर आमजन की नजर आसानी से पड़े। दरअसल, यह प्रावधान इसलिए किया गया हैं कि इजाजत के विरूद्व निर्माण होने या बिना इजाजत निर्माण होने या जनसुविधाओं के विपरित निर्माण होने पर कोई भी व्यक्ति उनकी शिकायत कर सकता है।
लेकिन बाड़मेर मे इन दिनों चल रहे बड़े बड़े कॉमर्शियल निर्माणों की साईडों पर ऐसा कहीं कोई बोर्ड नजर नही आ रहा है। न ही नगरपालिका आयुक्त ने उन्हें कोई निर्देश दे रखा है। ऐसे मे नगरपालिका एक्ट मे किये गये प्रावधान का खुले मे माखौल उड़ रहा है। लोग बेखौफ अनुज्ञा के विपरित निर्माण करवा रहे है। जानकारों के मुताबिक इस मामले की जानकारी आयुक्त को होने पर भी वह चुप्प इसलिए हैं कि उनकी शह से ही शहर मे इजाजत के विपरित अवैध निर्माण हो रहे है।


33 मुस्लिम परिवार मनायेंगे काली ईद
न्याय की लड़ाई मे हुए हताश
निजी सवांददाता
बाड़मेर, 30 अगस्त। सांजटा प्रकरण को लेकर 140 दिन से कलक्टर कार्यालय के बाहर बेमियादी आंदोलन पर बैठे 33 मुस्लिम परिवारों के लोगों ने इस बार बड़ी ईद को काली ईद के रूप मे मनाने का फैसला किया है। यह परिवार रमजान के पवित्र महिने मे भी 20 साल के बाद पहली बार रोजे रखने से महरूम रहे थे।
एक विज्ञप्ति मे करीम खां ने बताया कि 33 मुस्लिम एवं दो अन्य परिवारों को सांजटा से जबरन बेदखल कर खदेडऩे के मामले मे आरोपियों की गिरफ्तारी व पुनर्वास करने की मांग को लेकर वे पीडि़तों के साथ 140 दिन से आंदोलन पर है। यहां सच्चूखां 18 अगस्त से भूख हड़ताल पर चल रहा है। लेकिन उनकी मांगों पर प्रशासन व सरकार ने आज तक वार्ता नही की और न सुलह की कोशिश की। उलटे ही पीडि़त परिवारों को आंतकित किया जाने लगा है। ऐसे मे प्रताडऩा का शिकार हुए मुस्लिम परिवारों के लोगों ने इस बार बड़ी ईद को काली ईद के रूप मे मनाने का निर्णय लिया है।

बाबा रामदेव मले का शुभारंभ
निजी सवांददाता
बाड़मेर, 30 अगस्त। महावीर नगर स्थित बाबा रामदेव मन्दिर मे ध्वजारोहण के साथ मेले का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष उषा जैन सहित कईं विशिष्ठजन उपस्थित थे। यह जानकारी प्रवक्ता भगवानदास आसवानी ने दी।

डीडीटी का छिडक़ाव करने की मांग
निजी सवांददाता
बाड़मेर, 30 अगस्त। अखिल भारतीय अम्बेडकर मिशन ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर बाड़मेर शहर मे डीडीटी का छिडक़ाव करवाने की मांग की है। ज्ञापन मे लिखा हैं कि शहर मे मलेरिया फैल रहा है। डीडीटी का छिडक़ाव नही होने से रोगी भी बढ रहे है।उन्होने गरीबों को निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाने की मांग भी की।

परिवाद पर जांच के आदेश
निजी सवांददाता
बाड़मेर, 30 अगस्त। धोरीमना निवासी गुडी देवी पत्नि मनोहरलाल ने सीजेएम कोर्ट मे घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत परिवाद दायर कर अपने पति मनोहरलाल, सुसर रमेशचंद्र व सास अणछी देवी तथा जेठ जगीश और देवर अनील पर आरोप लगाया कि वे उसे प्रताडि़त करते थे तथा बाद मे घर से निकाल दिया। मनोहरलाल ने एक अन्य लडक़ी से शादी भी कर ली है। सीजेएम ने उक्त परिवाद पर आईसीडीएस के प्रोटोकॉल अधिकारी को जांच के आदेश दिये है। इसी तरह दूसरा परिवाद निर्वाह भत्ते के लिए पेश किया गया है। अदालत मे गुडी की ओर से वकील सोहन दवे एवं सुनीता चौधरी ने पैरवी की।

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