कोटा एयरपोर्ट की झाडियों में आग से अफरातफरी
कोटा। गुरूवार सुबह करीब 11.15 बजे शहर के बीचों-बीच स्थित एयरपोर्ट परिसर में घास और झाडियों में आग लग गई। ग्यारह दमकलों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एयरपोर्ट परिसर की दीवार से सटा एक पेट्रोल पम्प भी तीन तरफ से लपटों से घिर गया। हालांकि समय रहते आग बुझा दी गई, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस दौरान वहां मौजूद हजारों लोगों की सांसें थमी रहीं और अफरातफरी का माहौल बना रहा।। इस दौरान घटनास्थल के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर हजारों लोग एकत्र हो गए। जिससे करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग पर आवाजाही थम गई।
ऎसे पूरा हुआ ऑपरेशन
आग की सूचना पर पहले एक दमकल मौके पर भेजी गई, लेकिन बाद में कुल 11 दमकलों को मौके पर बुला लिया। करीब 32 दमकलकर्मियों ने इन 11 दमकलों के सहारे सिर्फ पेट्रोल पम्प बचाने का लक्ष्य बनाकर ऑपरेशन शुरू किया और एयरपोर्ट परिसर के भीतर व बाहर से ज्वालामुखी सी उठती लपटों के बीच करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद इसमें कामयाबी पाई।
20 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल था पंप पर
जिस छोर पर आग लगी थी, उसी पर बेदी पेट्रोल पम्प स्थित है। पम्प के आखिरी छोर पर 16 ड्रम इंजन ऑयल रखा हुआ था तथा भूमिगत टैंकों व अन्य स्रोतों में 13 हजार लीटर डीजल व 7 हजार लीटर पेट्रोल था। यदि आग इस पम्प तक पहुंचती तो इसके सामने ही स्थित दो अन्य पेट्रोल पम्प व अन्य उद्योगों को भी भारी नुकसान का खतरा था। यह पेट्रोलियम पदार्थ एक चिंगारी पाकर एयरपोर्ट परिसर में एनसीसी के हेंगर में खड़े ग्लाइडर व एक अन्य एयरबस को भी तहस-नहस कर सकता था।
पहुंचा लवाजमा
सूचना पर कार्यवाहक एडीएम [सिटी] राकेश जायसवाल, एएसपी हनुमान मीणा, पुलिस उपाधीक्षक चंद्रशील ठाकुर व पारस जैन समेत चार थानाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने थानों व पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाब्ता बुलवाकर भीड़ को दूर कराया। दंगा निरोधक वाहन वज्र भी मौके पर बुला लिया गया।
तीन दमकलें, तीनों नकारा
थानाधिकारी भंवर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर पर तीन दमकलें हैं। जैसे ही आग लगी तो उनसे आग बुझाने का काम शुरू कराने को कहा गया, लेकिन बाद में पता चला कि तीनों ही दमकलें नकारा हैं। यहां पानी के हाइडेंट भी नहीं मिले, जिससे दमकलों को बार-बार पानी भरने के लिए शॉपिंग सेंटर व दशहरा मैदान जाना पड़ा।
ये हो सकते हैं कारण
*झाडियां साफ करने के लिहाज से किसी ने आग लगाई।
*अधजली बीड़ी-सिगरेट फेंक दिए जाने के कारण यह लपटें उठी।
जांच होगी
आग कैसे लगी? इस बात की जांच कर रहे हैं। इस संबंध में एयरपोर्ट अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल इस बारे में किसी निर्णय पर पहुंचना संभव नहीं है।
-पारस जैन, पुलिस उपाधीक्षक [वृत्त-प्रथम]
ऎसे पूरा हुआ ऑपरेशन
आग की सूचना पर पहले एक दमकल मौके पर भेजी गई, लेकिन बाद में कुल 11 दमकलों को मौके पर बुला लिया। करीब 32 दमकलकर्मियों ने इन 11 दमकलों के सहारे सिर्फ पेट्रोल पम्प बचाने का लक्ष्य बनाकर ऑपरेशन शुरू किया और एयरपोर्ट परिसर के भीतर व बाहर से ज्वालामुखी सी उठती लपटों के बीच करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद इसमें कामयाबी पाई।
20 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल था पंप पर
जिस छोर पर आग लगी थी, उसी पर बेदी पेट्रोल पम्प स्थित है। पम्प के आखिरी छोर पर 16 ड्रम इंजन ऑयल रखा हुआ था तथा भूमिगत टैंकों व अन्य स्रोतों में 13 हजार लीटर डीजल व 7 हजार लीटर पेट्रोल था। यदि आग इस पम्प तक पहुंचती तो इसके सामने ही स्थित दो अन्य पेट्रोल पम्प व अन्य उद्योगों को भी भारी नुकसान का खतरा था। यह पेट्रोलियम पदार्थ एक चिंगारी पाकर एयरपोर्ट परिसर में एनसीसी के हेंगर में खड़े ग्लाइडर व एक अन्य एयरबस को भी तहस-नहस कर सकता था।
पहुंचा लवाजमा
सूचना पर कार्यवाहक एडीएम [सिटी] राकेश जायसवाल, एएसपी हनुमान मीणा, पुलिस उपाधीक्षक चंद्रशील ठाकुर व पारस जैन समेत चार थानाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने थानों व पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाब्ता बुलवाकर भीड़ को दूर कराया। दंगा निरोधक वाहन वज्र भी मौके पर बुला लिया गया।
तीन दमकलें, तीनों नकारा
थानाधिकारी भंवर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर पर तीन दमकलें हैं। जैसे ही आग लगी तो उनसे आग बुझाने का काम शुरू कराने को कहा गया, लेकिन बाद में पता चला कि तीनों ही दमकलें नकारा हैं। यहां पानी के हाइडेंट भी नहीं मिले, जिससे दमकलों को बार-बार पानी भरने के लिए शॉपिंग सेंटर व दशहरा मैदान जाना पड़ा।
ये हो सकते हैं कारण
*झाडियां साफ करने के लिहाज से किसी ने आग लगाई।
*अधजली बीड़ी-सिगरेट फेंक दिए जाने के कारण यह लपटें उठी।
जांच होगी
आग कैसे लगी? इस बात की जांच कर रहे हैं। इस संबंध में एयरपोर्ट अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल इस बारे में किसी निर्णय पर पहुंचना संभव नहीं है।
-पारस जैन, पुलिस उपाधीक्षक [वृत्त-प्रथम]


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