बुधवार, 27 अप्रैल 2011

marulehar farji setificate





बाड़मेर कलक्टर बीमार, 28 को होंगे स्वस्थ!
मृतक हुए जीवित, एम.एल.ए. को बुखार
बाड़मेर, 25 अप्रेल। खबर बुरी हैं लेकिन चौकान्ने वाली। बाड़मेर कलक्टर गौरव गोयल 24 अप्रेल से बीमार चल रहे हैं वे 28 अप्रेल को स्वस्थ होकर कलक्टरी करने पहुंचेंगे। बाड़मेर के डॉक्टर ने कलक्टर को बकायदा ‘बेड रेस्ट’ की सलाह दी हैं। इसी तरह बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन भी वायरल बुखार से पीडि़त हैं।
 इसी तरह‘भगवान’ माने जाने वाले एक डॉक्टर ने तो ऐसा करिश्मा कर दिखाया हैं कि वर्षो पहले स्वर्गलोक पहुंच चुके दो जनों को तो बीमार घोषित करते हुए जीवित कर दिखाया।
उक्त खबरें कोई ‘अप्रेल फुल’ के मध्यनजर मुर्ख बनाने वाली नही हैं बल्कि दस्तावेजी हकीकत और प्रमाणों से जुड़ी तथ्यात्मक खबरें हैं। इन दस्तावेजों को जारी किया हैं बाड़मेर के राजकीय अस्पताल के डिग्रीधारी चिकित्सा अधिकारियों ने। जिसे एक बार तो कहीं कोई चुनौती भी नही दे सकता।
अब हम आपको यह बता रहे हैं कि न तो कलक्टर वाकई बीमार हैं न एम.एल.ए. और न मृतक उठ कर जिन्दा हुए हैं। यह कारस्तानियां बाड़मेर मे पवित्र पेशे पर कालिख पोतने वाले कतिपय भ्रष्ट डॉक्टरों की हैं जो चंद रूपयों के खातिर किसी मृत को जीवित और भले चंगे इंसान को बीमार बताने के सर्टीफिकेट आंखे मूंद कर दे रहे हैं। ऐसे ही घूसखोर, निकम्मे और चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे को कलंकित करने वाले डॉक्टरों को हमारे खोजी सवांददाताओं की एक टीम ने स्टिंग ऑपरेशन कर जाल मे फांसने मे कामयाबी हांसिल की हैं।
गौरव गोयल बीमार
बाड़मेर कलक्टर गौरव गोयल वल्द श्री रमेश गोयल को बाड़मेर अस्पताल के सरकारी डॉक्टर विश्रोई ने 24 अप्रेल 11 से बुखार एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मानते हुए 27 अप्रेल तक पूर्णतया विश्राम की सलाह दी हैं। सिर्फ डेढ सौ रूपये वसूल कर इस डॉक्टर ने स्टिंग ऑपरेशन करने वाली टीम को न केवल 25 अप्रेल के दिन 24 अप्रेल 2011 की तारीख लगा कर बीमार होने का प्रमाण पत्र दिया बल्कि गौरव गोयल को 28 अप्रेल के दिन ड््युटी पर जाने के लिए फिट भी घोषित कर लिया। इस सर्टीफिकेट पर न तो गौरव गोयल के दस्तखत हैं न गौरव गोयल के नाम से इस डॉक्टर ने कोई पर्ची बना कर उसका इन्द्राज करवाया। 28 अप्रेल को फिट बताने का सर्टीफिकेट 25 अप्रेल को ही एडवांस दे दिया गया। उल्लेखनिय रहे कि 24 अप्रेल 2011 को तो बाड़मेर कलक्टर गौरव गोयल ने इसी सरकारी चिकित्सालय का लगातार 4 घंटे तक आकस्मिक निरीक्षण किया हैं।
दो मृतकों को बताया बीमार
राजकीय अस्पताल के दो अलग अलग डॉक्टरों ने तो मृतकों को जीवित बताते हुए बीमार घोषित करने का चमत्कार कर दिखाया। चिकित्सालय के डॉक्टर विश्रोई ने सिर्फ दो सौ रूपये वसूल कर मृतक श्री लेखराज वल्द कर्मचंद खत्री को जीवित बताते हुए बीमार घोषित किया हैं। उनके द्वारा जारी सर्टीफिकेट के मुताबिक मृतक श्री लेखराज को 24 अप्रेल को बीमार बताते हुए 28 अप्रेल को नौकरी पर जाने के लिए फिट हो जायेंगे। गौरतलब रहे कि श्री लेखराज खत्री का देहवासन 2005 मे हो चुका हैं।
इसी तरह इसी राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टर बांठिया ने मृतक श्री हीरालाल धनराज वडेरा को भी 24 अप्रेल के दिन बीमार बताया हैं तथा 28 अप्रेल तक पूर्ण विश्राम की सलाह दी हैं। जबकि श्री हीरालाल वडेरा पांच साल पहले भगवान को प्यारे हो चुके हैं।
विधायक मेवाराम जैन भी बीमार
इसी चिकित्सालय के डॉक्टर बांठिया ने विधायक मेवाराम वल्द श्री चिंतामणदास जैन को भी बुखार व दूसरी बीमारियों से ग्रसित होना बताते हुए सिर्फ डेढ सौ रूपये मे सर्टीफिकेट जारी कर दिया। डॉक्टर ने स्टिंग ऑपरेशन की टीम को दिए सर्टीफिकेट मे विधायक मेवाराम जैन को 29 अप्रेल तक बेड रेस्ट की सलाह दी हैं।
बिना दस्तखतों के दिए सर्टीफिके ट
अस्पताल के चिकित्सकों ने स्टिंग ऑपरेशन टीम को जो सिक एवं फिट सर्टीफिकेट बना कर दिए हैं उन पर न तो मरीजों के दस्तखत करवाये हैं न उन्हें हॉस्पीटल रिकॉर्ड मे दर्ज किया हैं। कायदे से ऐसे सर्टीफिकेट किसी भी मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करने व उसके बाद उसे संबंधित बीमारी का उपचार लिखे जाने के बाद या फिर अस्पताल मे भर्ती किए जाने के बाद विश्राम की जरूरत होने पर पहले सिक सर्टीफिकेट दिया जा सकता हैं। उसकी तबीयत सही होने पर ही उसे फिट होने का सर्टीफिकेट दिये जाने का प्रावधान हैं। लेकिन यहां मरीज जो उनके सामने भी नही आये और आते भी कैसे, इसमें दो शख्स तो वर्षो पहले देवलोक पहुंच चुके हैं, उनके नाम से सर्टीफिकेट जारी कर दिए।
(नोट- इस स्टिंग ऑपरेशन का उदेश्य चिकित्सालय मे तैनात घूसखोर डॉक्टरों की काली करतूतों व अनैतिक धंधों का पर्दाफाश कर आमजन व प्रशासन-सरकार को हकीकत से रूबरू करवाना हैं तथा ऑपरेशन दौरान नामी लोगों के नाम से इस खातिर सर्टीफिकेट जारी करवाये गये हैं कि आमजन के सामने यह तस्वीर सामने आये कि ऐसे घूसखोर एवं दुसाहसी डॉक्टर चंद रूपयों के खातिर प्रभावशाली लोगों के नाम से सर्टीफिकेट जारी करने मे नही हिचकते। उम्मीद करते हैं कि व्यापक जनहित के मध्यनजर इस ऑपरेशन से लिखी गई न्यूज को कोई भी अन्यथा मे नही लेंगे)

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