शुक्रवार, 10 जून 2011

गर्मागर्मी के माहौल मे हुई सतर्कता समिति की बैठक, विधायक उलझे परिवादियों से अवैध होटलों पर होगी कार्यवाही, फाइलें गायब करने के मामले मे एफआईआर

गर्मागर्मी के माहौल मे हुई सतर्कता समिति की बैठक, विधायक उलझे परिवादियों से
अवैध होटलों पर होगी कार्यवाही, फाइलें गायब करने के मामले मे एफआईआर
बाड़मेर। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल मे आयोजित की गई जिला सतर्कता समिति की बैठक मे मौजूद विधायक मेवाराम जैन परिवादियों से बुरी तरह उलझ गये और शिकायत से संबंधित दोषीजनों के बचाव मे खुल कर उतर आये तथा परिवादियों पर पैसे ऐंठने जैसे अनर्गल आरोप लगा कर उन्हें चुप्प ही नही आंतकित करने का दुसाहस भी किया। इस बैठक मे जिला कलक्टर गौरव गोयल ने समिति के समक्ष लम्बित नगरपालिका के एक प्रकरण मे फाइलें गायब होने के मामले मे दोषी कार्मिक के विरूद्व एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिये हैं। इसी तरह शहर मे बिना पार्किंग एवं इजाजत के विरूद्व बनी होटलों पर कार्यवाही के निर्देश भी आयुक्त को दिये। इस बैठक मे अपर जिला कलक्टर अरूण पुरोहित, उपखण्ड अधिकारी सी.एल. देवासी, भूमि अवाप्ति अधिकारी एम.एल. नेहरा सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी, समिति सदस्य एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
हमारे सवांददाता के अनुसार पूर्व पार्षद जगदीश खत्री द्वारा महावीर नगर योजना मे पीएचसी एवं स्कूल के लिए आरक्षित जमीन के पट्टे देने के मामले मे वर्षो पहले की गई शिकायत पर चर्चा शुरू की गई तो आयुक्त ने बताया कि इस प्रकरण की पत्रावलियां नही मिल रही हैं संबंधित लिपिक सस्पेंड हैं। इस पर परिवादी जगदीश खत्री ने कहा कि कईं सालों से यही जवाब दिया जा रहा हैं लेकिन पत्रावलियां पेश नही की जा रही हैं नतीजन अवैध पट्टाधारियों ने वहां बड़े निर्माण कार्य करवा दिये, उसे रोका तक नही गया। इस पर जिला कलक्टर ने पत्रावलियां गायब होने व नही मिलने पर चार्ज धारक कनिष्ठ लिपिक के विरूद्व एफआईआर आज ही दर्ज करवाने के आदेश पालिका आयुक्त को दिये तो बीच मे ही अनावश्यक रूप से विधायक मेवाराम जैन उलझ गये तथा संबंधित लिपिक की पैरवी की तथा आरोप लगाये कि पत्रावलियां कौन ले जाता हैं उन्हें पता हैं? इस पर जगदीश खत्री एवं विधायक के बीच काफी देर तक नोकझोक हुई।
इसके बाद शहर मे बनी अवैध होटलों व बिना पार्किंग के चल रही होटलों के मामले मे परिवादी हरीश चंडक एवं मरूलहर समाचार पत्र की कतरनों पर दर्ज किए गये मामलों को लेकर चर्चा शुरू हुई तो वास्तविक हालात बताने खड़े हुए हरीश चंडक पर विधायक मेवाराम जैन ने रूपये ऐंठने एवं गेंग चलाने जैसे आरोप लगाने शुरू कर दिये। इतने मे माहौल गरमा गया। परिवादी हरीश चंडक ने आरोप साबित करने की मांग करते हुए खुद विधायक पर भ्रष्ट लोगों की पैरवी करने सहित कईं आरोप लगाये। अंत मे जिला कलक्टर गौरव गोयल ने नगरपालिका आयुक्त को निर्देश दिये कि वह शहर मे बनी होटलों मे प्रत्येक दिन तीन होटलों को चैक कर जांचे कि वे किस तरह से अवैध हैं तथा वहां पार्किंग के हालात क्या हैं?
इसके बाद महावीर नगर मे स्थित कॉमर्शियल भूखण्ड संख्या 66 के मामले मे निरस्त भूखण्ड के रूपये जमा कर कर पट्टा देने के मसले पर चर्चा हुई। पूर्व मे सतर्कता समिति ने इस प्रकरण मे नगरपालिका के चार कर्मचारियों को दोषी मानते हुए निलम्बित करने एवं एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिये थे। जिस पर चार कर्मचारियों को सस्पेंड तो कर लिया गया लेकिन पूर्व अधिशाषी अधिकारी राजेन्द्र चौधरी द्वारा पुलिस कोतवाली मे करीब 3 साल पहले एफआईआर भेजी गई, उसे दर्ज नही किया गया। एफआईआर दर्ज नही किए जाने पर शिकायतकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज करवाई तो जिला कलक्टर गौरव गोयल ने बैठक मे मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक एवं पालिका आयुक्त से कहा कि वे दोनों इस मामले को गंभीरता से देखें कि आखिर एफआईआर क्यों नही दर्ज की गई। जिला कलक्टर ने आयुक्त से कहा कि वह उक्तनिरस्त हो चुके भूखण्ड पर हो रखे कब्जे को बेदखल कर पुन: नीलामी की कार्यवाही करें।
समिति की इस बैठक मे नगरपालिका से जुड़े दूसरे कईं मामलों पर चर्चा हुई। बैठक मे अपर कलक्टर अरूण पुरोहित ने अधिकारियों से कहा कि वह लम्बित मामलों मे जांच रिपोर्टें अविलंब पेश करे ताकि पीडि़तों को त्वरित न्याय मिल सके तथा मामले निस्तारित हो सके। उन्होने खेद जताया कि बैठक पूर्व लिखे जाने के बावजूद पालिका आयुक्त ने न तो पत्रावलियां पेश की और न रिपोर्ट।


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