बुधवार, 23 मार्च 2011

पाकिस्तान, सुडान से मंगवा रहे हैं मतीरा बीज

जोधपुर के कईं आयातक पाकिस्तान, सुडान से मंगवा रहे हैं मतीरा बीज
मतीरा बीज आयात मे करोड़ों के ‘इम्पोर्ट कर’ की चोरी!
हवाले के जरिए पाकिस्तान पहुंच रहा हैं करोड़ों का धन?

बाड़मेर 21 मार्च। पाकिस्तान और सुडान से मतीरा बीज आयात करने के मामले मे बड़े स्तर पर आयात कर की चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया हैं। मतीरा बीज आयात करने वाले कईं उद्योगपति जोधपुर, ओसिया, बीकानेर एवं ऊंझा मे हैं। ये उद्यमी करोड़ों का भुगतान अवैध रूप से हवाला कारोबार के जरिए भी कर रहे हैं।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि जोधपुर, बीकानेर, ऊंझा और ओसिया मे मगज फैक्ट्रियां चलाने वाले उद्यमियों द्वारा पिछले करीब 4 महिनों से पाकिस्तान एवं सुडान से मतीरा बीज आयात कर मंगवाया जा रहा हैं। भारत एवं उक्त देशों मे कुछ समय पहले मतीरा बीज के भावों मे काफी अंतर था। खबर हैं कि दो महिनों मे करीब ढाई सौ से ज्यादा कंटनेर उक्त देशों से ये उद्यमी मंगवा चुके हैं।
यूं करते हैं इम्पोर्ट कर की चोरी
सूत्रों ने बताया कि ये उद्यमी कलकत्ता एवं मुम्बई के आयातकों के जरिए मतीरा बीज का आयात कर रहे हैं। वहां पर इन दिनों मतीरा बीज के भाव 50 से 60 रूपये प्रति किलो हैं। यही भाव लगभग भारत मे हैं। ऐसे मे इन आयातकों द्वारा पाकिस्तान एवं सुडान से मतीरा बीज भेजने वाली फर्मो से शॉर्ट बिलिंग करवाई जा रही हैं यह खरीद सिर्फ 15 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बताई जाकर इस पर लगने वाले करीब 37 प्रतिशत आयात कर की चोरी की जा रही हैं। जबकि खरीद वहां के पूरे मूल्य पर होती हैं।
क्यों करते हैं निर्यात
दरअसल, भारत मे दीपावली के आस पास की सीजन छोड़ मतीरा बीज के भाव तेज रहते हैं। दूसरा यहां उत्पादित मतीरा बीज की गुणवता भी अच्छी नही होती। पश्चिमी राजस्थान एवं गुजरात मे होने वाले मतीरा बीज से 40 से 42 फीसदी मगज का उत्पादन हांसिल किया जा सकता हैं। जबकि पाकिस्तान एवं सुडान से आने वाले मतीरा बीज से 44 से 50 फीसदी मगज निकाला जा सकता हैं तथा इसकी गुणवत्ता भी काफी अच्छी रहती हैं। जिसकी डिमाण्ड मसाला  उत्पादक कंपनियां करती हैं। भारत मे सिर्फ पश्चिमी राजस्थान एवं गुजरात के कुछ इलाकों मे ही मतीरा बीज की पैदाईश होती हैं। भारत की एम.डी.एच. मसाला कंपनी सर्वाधिक मगज उठाती हैं।
बाकी की रकम भेजते हैं हवाला के जरिए
सूत्रों ने बताया कि भारत के ये आयातक शॉर्ट बिलिंग के बाद बची वास्तविक मार्केट भावों की अंतर की रकम का भुगतान हवाला के जरिए अवैध रूप से किया जाता हैं। इससे न केवल आयात कर बल्कि आयकर की भी बड़े स्तर पर चोरी हो रही हैं।


फोटो- डोक्यूमेंट- जोधपुर: कराची की बालाजी कॉमेडिटीज नामक फर्म ने फरवरी 2011 मे जोधपुर की हरीश एजेन्सी को भारतीय मूल्यानुसार 15 रूपये किलो के भाव से मतीरा बीज बेचने का बिल जारी किया हैं। इस समय वास्तविक भाव 55 रूपये किलो से अधिक थे।

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