दलितों ने गृहमंत्री का पुतला फूंका, गधे पर निकाली शव यात्रा
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
बाड़मेर, 25 मार्च। 16 दिन से कलेक्ट्रेट के बाहर चल रहे बेमियादी धरने की अनदेखी और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नही होने से आक्रोशित दलितों का सब्र अब टूटता जा रहा हैं। शुक्रवार को प्रदेश के गृहमंत्री शांति धारीवाल का पुतला फूंक दलितों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम अपर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
दलित अत्याचार निवारण समिति के संयोजक उदाराम मेघवाल ने बताया कि आर.टी.आई. कार्यकर्ता मंगलाराम मेघवाल के हाथ पैर तोडऩे एवं इन्द्रा मेघवाल के रहवासी मकान का फर्जी पट्टा बना कर उसे घर बदर करने की कोशिश करने के मामले मे नामजद किए गये अभियुक्तों को पुलिस 16 दिन से चल रहे आंदोलन के बावजूद गिरफ्तार नही कर रही हैं। जबकि घायल और लाचार आरटीआई कार्यकर्ता मंगलाराम सपत्निक एवं पीडि़ता इन्द्रा मेघवाल स्वंय धरने पर बैठ इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
उन्होने बताया कि जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से भी इस दौरान दलित प्रतिनिधिमण्डल ने लगातार सम्पर्क कर न्याय करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग रखी जिन्होने सिवाय आश्वासन के कुछ नही किया। अभियुक्त बेखौफ घूम रहे हैं।
इससे गुस्साये दलितों ने विरोधस्वरूप शुक्रवार सुबह गृहमंत्री शांति धारीवाल का पुतला बना कर गधे पर उनकी अंतिम यात्रा निकाली तथा पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गधे पर अंतिम यात्रा अंहिसा सर्कल से रवाना की गई जो बाद मे कलेक्ट्रेट पहुंची। दलितों ने गृहमंत्री के पुतले पर जूतों की माला पहना कर भी गुस्से का इजहार किया।
उन्होने बताया कि अपर कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन मे फिर चेतावनी दी हैं कि यदि समय रहते उनकी मांगों को नही माना गया तथा नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नही किया गया तो दलित समुदाय के लोग सडक़ों पर उतर जान देने से पीछे नही हटेंगे। ज्ञापन देने गये प्रतिनिधिमण्डल मे राऊराम राठौड़, वीरचंद पूंजासर इकबाल खां बामणोर, श्रवण चंदेल, भैरूसिंह फुलवारिया, महेन्द्र जोगू, मानाराम गढवीर, सुवाला खां, ठाकराराम विश्रोई, कानाराम चौहान, पूराराम धोरीमना, पदमाराम जयपाल, मुकनाराम मंसुरिया, गोपाल गर्ग, तुलछान, भीखाराम चौधरी, गुलाबनाथ जोगी, भूराराम भील, खेतेश कोचरा, मालाराम, भीमाराम, मोटाराम कोलू, तगाराम चौधरी, हेमराज पंवार, लाभूराम पंवार, ऊकाराम गडरारोड़, हरीराम पादरिया, ताजाराम, रामाराम बामणिया, नानकराम, घमूराम, लूणाराम पूनड़, जगदीश पंवार, चैनाराम, मालाराम गढवीर, साजनदास, हाजीखां बामणोर, प्रकाश खींची, अजाराम गांगाला, टाऊराम बोस, टीलाराम बोस, मूलाराम बामणोर, गोपाराम मंसुरिया, दिग्विजय कागा सहित जनें शामिल थे।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
बाड़मेर, 25 मार्च। 16 दिन से कलेक्ट्रेट के बाहर चल रहे बेमियादी धरने की अनदेखी और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नही होने से आक्रोशित दलितों का सब्र अब टूटता जा रहा हैं। शुक्रवार को प्रदेश के गृहमंत्री शांति धारीवाल का पुतला फूंक दलितों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम अपर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
दलित अत्याचार निवारण समिति के संयोजक उदाराम मेघवाल ने बताया कि आर.टी.आई. कार्यकर्ता मंगलाराम मेघवाल के हाथ पैर तोडऩे एवं इन्द्रा मेघवाल के रहवासी मकान का फर्जी पट्टा बना कर उसे घर बदर करने की कोशिश करने के मामले मे नामजद किए गये अभियुक्तों को पुलिस 16 दिन से चल रहे आंदोलन के बावजूद गिरफ्तार नही कर रही हैं। जबकि घायल और लाचार आरटीआई कार्यकर्ता मंगलाराम सपत्निक एवं पीडि़ता इन्द्रा मेघवाल स्वंय धरने पर बैठ इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
उन्होने बताया कि जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से भी इस दौरान दलित प्रतिनिधिमण्डल ने लगातार सम्पर्क कर न्याय करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग रखी जिन्होने सिवाय आश्वासन के कुछ नही किया। अभियुक्त बेखौफ घूम रहे हैं।
इससे गुस्साये दलितों ने विरोधस्वरूप शुक्रवार सुबह गृहमंत्री शांति धारीवाल का पुतला बना कर गधे पर उनकी अंतिम यात्रा निकाली तथा पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गधे पर अंतिम यात्रा अंहिसा सर्कल से रवाना की गई जो बाद मे कलेक्ट्रेट पहुंची। दलितों ने गृहमंत्री के पुतले पर जूतों की माला पहना कर भी गुस्से का इजहार किया।
उन्होने बताया कि अपर कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन मे फिर चेतावनी दी हैं कि यदि समय रहते उनकी मांगों को नही माना गया तथा नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नही किया गया तो दलित समुदाय के लोग सडक़ों पर उतर जान देने से पीछे नही हटेंगे। ज्ञापन देने गये प्रतिनिधिमण्डल मे राऊराम राठौड़, वीरचंद पूंजासर इकबाल खां बामणोर, श्रवण चंदेल, भैरूसिंह फुलवारिया, महेन्द्र जोगू, मानाराम गढवीर, सुवाला खां, ठाकराराम विश्रोई, कानाराम चौहान, पूराराम धोरीमना, पदमाराम जयपाल, मुकनाराम मंसुरिया, गोपाल गर्ग, तुलछान, भीखाराम चौधरी, गुलाबनाथ जोगी, भूराराम भील, खेतेश कोचरा, मालाराम, भीमाराम, मोटाराम कोलू, तगाराम चौधरी, हेमराज पंवार, लाभूराम पंवार, ऊकाराम गडरारोड़, हरीराम पादरिया, ताजाराम, रामाराम बामणिया, नानकराम, घमूराम, लूणाराम पूनड़, जगदीश पंवार, चैनाराम, मालाराम गढवीर, साजनदास, हाजीखां बामणोर, प्रकाश खींची, अजाराम गांगाला, टाऊराम बोस, टीलाराम बोस, मूलाराम बामणोर, गोपाराम मंसुरिया, दिग्विजय कागा सहित जनें शामिल थे।
घायल मंगलाराम की धरने पर तबीयत बिगड़ी, डीसा रवाना
प्राणघातक हमले मे दो हाथ पैर तुड़ा कर बैठे आर.टी.आई. कार्यकर्ता मंगलाराम मेघवाल की धरना स्थल पर तबीयत बिगड़ जाने के कारण उसे उपचार के लिए फिर डीसा रवाना किया गया। ये पिछले कुछ दिनों से ऑपरेशन बाद अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठा हुआ था। यहां पर भीषण गर्मी के कारण उसके टांकों मे रस्सी होने व दर्द होने की शिकायत हुई जिस पर उसे तत्काल दलित समुदाय के लोग डीसा उपचार के लिए ले गये। उसकी पत्नि अभी भी धरने पर हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें