गाजी फकीर और अब्दुल हादी परिवार का कोई नेता नही आया नजर
अमीन समर्थकों ने दबाव बनाने के लिए किया शक्ति प्रदर्शन
बाड़मेर, 12 फरवरी। देश की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटील के बारे मे अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले मे मंत्रीमण्डल से बाहर किए गये शिव विधायक अमीन खां के समर्थकों ने शनिवार को शक्ति प्रदर्शन कर दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन अमीन के समर्थन मे मुस्लीम समाज के बड़े नेता मसलन गाजी फकीर और अब्दुल हादी परिवार से कोई भी शख्स आगे नही आया। समर्थन मे उतरने वाले नेताओं मे सरपंच और जिला परिषद सदस्य स्तर के कुछ मुस्लीम नेता जरूर देखे गये।
इससे पूर्व नेशनल हाईवे मार्ग पर स्थित मुस्लिम मदरसे मे बाहर से आये मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए जहां कुछ नेताओं ने अपना सम्बोधन दिया। इसके बाद वे जुलूस के रूप मे कांग्रेस दफ्तर पहुंचे और जिलाध्यक्ष को सोनिया गांधी के नाम ज्ञापन दिया।
मुस्लिम समाज की ओर से बनाये गये इस ज्ञापन मे लिखा हैं कि शिव विधायक अमीन खां ने कांग्रेस के लिए निष्ठापूर्वक काम किया हैं। उन्हें 2009 मे पहली बार मंत्री बनाया गया। अमीन खां ने अपने समर्थकों से कांग्रेस को मजबूत किया।
ज्ञापन मे लिखा गया कि अमीन खां ने पाली मे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की 8 फरवरी 2011 की बैठक मे कार्यकर्ताओं को सफादारी, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता की नसीहत देते हुए भाषण दिया। जिसमें उन्होने राष्ट्रपति की वफादारी का उदाहरण दिया। मुस्लिम समाज ने लिखा कि अमीन खां की मंशा राष्ट्रपति का अपमान करने की नही थी। लेकिन मीडिया ने उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया। मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति एवं यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से अनुरोध किया कि वे अमीन खां के बयानों को इंसानी भूल समझते हुए रहम दिल होने का परिचय दें और फैसले पर पुर्नविचार करें। मुस्लिम समाज के मुताबिक अमीन खां को मंत्रीपरिषद से बाहर करने पर समाज को गहरा धक्का लगा हैं।
कोई समर्थक माफी मांग रहा तो कोई चेतावनी दे रहा था
मुस्लिम समाज छात्रावास मे आयोजित इस कार्यक्रम दौरान अमीन समर्थक कोई नेता चेतावनी भरे लहजे मे बोल रहा था तो कोई माफी की बात कह रहा था। मौलवी उमर पूर्व जिला परिषद सदस्य ने बताया कि अमीन खां द्वारा मामूली गलती की गई हैं उनसे मंत्रीपद वापस लेने से पश्चिम राजस्थान के मुसलमान नाराज हैं तथा भावनाएं आहत हुई हैं। उमर ने कहा कि मुस्लिम समाज मे भारी आक्र ोश हैं। उन्होने कहा कि इस बैठक मीडिया के माध्यम से आज हमारा समाज महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एक अपील करना चाहते हैं कि माफी हम व हमारा समाज मांगता हैं।
इसी तरह पूर्व उप जिला प्रमुख अली मोहम्मद ने बताया कि किसी को मंत्री बनाकर बाहर फेंकना ठीक नही हैं। अगला व्यक्ति गलती के लिए पश्चाताप कर लेते हैं तो उसे माफ करन देना चाहिए। इसी तरह एक वक्ता ने अमीन खां के मामले मे पुर्नविचार नही करने पर कांग्रेस को छठी का दुध पिलाने की चेतावनी भी दी। लेकिन बाद मे दूसरे वक्ताओं ने ऐसी बात नही होने की दलील देकर माफी की भाषा मे अपना सम्बोधन दिया।
हादी एवं गाजी परिवार रहे दूर
पूरे प्रकरण मे जहां मुस्लिम समाज ने शनिवार को प्रदर्शन कर दावा किया कि अमीन के समर्थन मे बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, जालोर, पाली, कच्छ, जूनागढ, राजकोट से मुस्लिम समाज के 5 हजार मुखिया आये हैं। लेकिन इस भीड़ मे जैसलमेर के मुस्लिमों पर पकड़ रखने वाले गाजी फकीर एवं चोहटन के दिवंगत नेता अब्दुल हादी सरीखी हस्तियों के परिवार से कोई भी शख्स अमीन का समर्थन करने नही पहुंचा।
इससे पूर्व नेशनल हाईवे मार्ग पर स्थित मुस्लिम मदरसे मे बाहर से आये मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए जहां कुछ नेताओं ने अपना सम्बोधन दिया। इसके बाद वे जुलूस के रूप मे कांग्रेस दफ्तर पहुंचे और जिलाध्यक्ष को सोनिया गांधी के नाम ज्ञापन दिया।
मुस्लिम समाज की ओर से बनाये गये इस ज्ञापन मे लिखा हैं कि शिव विधायक अमीन खां ने कांग्रेस के लिए निष्ठापूर्वक काम किया हैं। उन्हें 2009 मे पहली बार मंत्री बनाया गया। अमीन खां ने अपने समर्थकों से कांग्रेस को मजबूत किया।
ज्ञापन मे लिखा गया कि अमीन खां ने पाली मे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की 8 फरवरी 2011 की बैठक मे कार्यकर्ताओं को सफादारी, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता की नसीहत देते हुए भाषण दिया। जिसमें उन्होने राष्ट्रपति की वफादारी का उदाहरण दिया। मुस्लिम समाज ने लिखा कि अमीन खां की मंशा राष्ट्रपति का अपमान करने की नही थी। लेकिन मीडिया ने उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया। मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति एवं यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से अनुरोध किया कि वे अमीन खां के बयानों को इंसानी भूल समझते हुए रहम दिल होने का परिचय दें और फैसले पर पुर्नविचार करें। मुस्लिम समाज के मुताबिक अमीन खां को मंत्रीपरिषद से बाहर करने पर समाज को गहरा धक्का लगा हैं।
कोई समर्थक माफी मांग रहा तो कोई चेतावनी दे रहा था
मुस्लिम समाज छात्रावास मे आयोजित इस कार्यक्रम दौरान अमीन समर्थक कोई नेता चेतावनी भरे लहजे मे बोल रहा था तो कोई माफी की बात कह रहा था। मौलवी उमर पूर्व जिला परिषद सदस्य ने बताया कि अमीन खां द्वारा मामूली गलती की गई हैं उनसे मंत्रीपद वापस लेने से पश्चिम राजस्थान के मुसलमान नाराज हैं तथा भावनाएं आहत हुई हैं। उमर ने कहा कि मुस्लिम समाज मे भारी आक्र ोश हैं। उन्होने कहा कि इस बैठक मीडिया के माध्यम से आज हमारा समाज महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एक अपील करना चाहते हैं कि माफी हम व हमारा समाज मांगता हैं।
इसी तरह पूर्व उप जिला प्रमुख अली मोहम्मद ने बताया कि किसी को मंत्री बनाकर बाहर फेंकना ठीक नही हैं। अगला व्यक्ति गलती के लिए पश्चाताप कर लेते हैं तो उसे माफ करन देना चाहिए। इसी तरह एक वक्ता ने अमीन खां के मामले मे पुर्नविचार नही करने पर कांग्रेस को छठी का दुध पिलाने की चेतावनी भी दी। लेकिन बाद मे दूसरे वक्ताओं ने ऐसी बात नही होने की दलील देकर माफी की भाषा मे अपना सम्बोधन दिया।
हादी एवं गाजी परिवार रहे दूर
पूरे प्रकरण मे जहां मुस्लिम समाज ने शनिवार को प्रदर्शन कर दावा किया कि अमीन के समर्थन मे बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, जालोर, पाली, कच्छ, जूनागढ, राजकोट से मुस्लिम समाज के 5 हजार मुखिया आये हैं। लेकिन इस भीड़ मे जैसलमेर के मुस्लिमों पर पकड़ रखने वाले गाजी फकीर एवं चोहटन के दिवंगत नेता अब्दुल हादी सरीखी हस्तियों के परिवार से कोई भी शख्स अमीन का समर्थन करने नही पहुंचा।
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