टाऊनशीप योजना पर भूमाफियाओं का साया, रोज हो रहे हैं अवैध कब्जे
कलक्टर साहब! आखिर भ्रष्ट आयुक्त पर कौन हैं मेहरबान
नगरपालिका की करोड़ों की लागत वाली टाऊनशीप योजना मे रोजाना भूमाफिया कब्जे कर रहे हैं। यहां कच्चा पक्का मकान बना कर जबरन कब्जा करवाने के नाम पर आयुक्त एवं अध्यक्षा के कथित पी.ए. 50 से 80 हजार रूपये की रिश्वत वसूल रहे हैं। मौजूदा आयुक्त के कार्यकाल मे करीबन 150 से अधिक लोगों को माफियाओं ने अवैध बेचान करके कब्जे ठुकवा दिए हैं। यहां एक भूखण्ड की कीमत 5 से 8 लाख रूपये चल रही हैं। इस तरह सरकारी जमीन को माफिया गिरोह के लोग बेखोफ होकर बेच रहे हैं।
बाड़मेर, 12 फरवरी। नेशनल हाईवे पर स्थित सदर थाने के पिछवाड़े स्थित नगरपालिका की टाऊनशीप योजना पर भूमाफियाओं का साया पड़ा हुआ हैं। यहां खाली पड़ी जमीन पर भूमाफिया कब्जे कर उसका बेचान भी कर रहे हैं। टाऊनशीप योजना मे नगरपालिका के वर्तमान आयुक्त के कार्यकाल मे करीबन डेढ सौ से अधिक कच्चे पक्के निर्माण भी हो चुके हैं। ऐसी जमीन की कीमत 10 करोड़ से अधिक आंकी जा सकती हैं। बताया गया हैं कि टाऊनशीप योजना मे कब्जे करने का सिलसिला रोजाना जारी हैं।
पूर्व मे तोड़े जा चुके हैं अतिक्रमण, ईओ बुरी तरह से पिटा था
टाऊनशीप योजना को सफल बनाने के लिए नगरपालिका ने यहां बड़े स्तर पर किए गये कब्जों को हटा कर करोड़ों की जमीन अतिक्रमण मुक्त करवाने के दावे किए थे। यहां अतिक्रमण हटाने के नाम पर पूर्व अधिशाषी अधिकारी विजयदान चारण भी बुरी तरह से पिट चुके हैं। लेकिन बावजूद इसके हटे अतिक्रमणों की जमीनों पर फिर माफियाओं ने न केवल कब्जे किए बल्कि इकरारनामों पर उनका बेचान भी किया। नगरपालिका ने यहां खाली पड़ी जमीन और अवैध कब्जों की वीडियोग्राफी भी करवाई थी। स्वंय वर्तमान जिला कलक्टर ने वीडियोग्राफी को देखने के बाद हुए कब्जों को हटाने की कार्यवाही करवाई थी। लेकिन खबर हैं कि इन्ही माफियाओं ने उसी जमीन पर फिर से कब्जे कर दिए हैं।
टाऊनशीप आबाद नही की, लेकिन करोड़ों फूंक दिए पालिका ने
नगरपालिका अफसरों ने इस टाऊनशीप योजना को सफल बना कर आबाद होने से पहले सडक़ें, लाईट और अन्य सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च कर दिए। इसका नतीजा यह हुआ कि इन सुविधाओं का लाभ भूमाफिया और इनके इकरानामों पर कब्जा जमाए बैठे लोग फोकट मे उठा रहे हैं। सामान्यत: किसी भी कॉलोनी मे पब्लिक के आबाद होने के बाद ही सुविधाएं विकसित की जाती हैं।
कब्जा करवाने की रेट 50 हजार और ऊपर
नगरपालिका के आयुक्त एवं अध्यक्ष के कथित पी.ए. द्वारा टाऊनशीप मे खाली पड़ी पालिका की कईं बीघा जमीन को ठिकाने लगाने के लिए माफियाओं से जोरदार सेटिंग कर रखी हैं। प्रत्येक कच्चे पक्के निर्माण की छूट देने के बदले 50 हजार और इससे बड़ी रकम बतौर रिश्वत वसूली जा रही हैं। रकम वसूलने के बाद ये कोई कार्यवाही नही कर रहे हैं। बल्कि उन्हें नियमन करने व सर्वे करवाने का झांसा देकर आश्वासन भी दे रहे हैं।
बाड़मेर, 12 फरवरी। नेशनल हाईवे पर स्थित सदर थाने के पिछवाड़े स्थित नगरपालिका की टाऊनशीप योजना पर भूमाफियाओं का साया पड़ा हुआ हैं। यहां खाली पड़ी जमीन पर भूमाफिया कब्जे कर उसका बेचान भी कर रहे हैं। टाऊनशीप योजना मे नगरपालिका के वर्तमान आयुक्त के कार्यकाल मे करीबन डेढ सौ से अधिक कच्चे पक्के निर्माण भी हो चुके हैं। ऐसी जमीन की कीमत 10 करोड़ से अधिक आंकी जा सकती हैं। बताया गया हैं कि टाऊनशीप योजना मे कब्जे करने का सिलसिला रोजाना जारी हैं।
पूर्व मे तोड़े जा चुके हैं अतिक्रमण, ईओ बुरी तरह से पिटा था
टाऊनशीप योजना को सफल बनाने के लिए नगरपालिका ने यहां बड़े स्तर पर किए गये कब्जों को हटा कर करोड़ों की जमीन अतिक्रमण मुक्त करवाने के दावे किए थे। यहां अतिक्रमण हटाने के नाम पर पूर्व अधिशाषी अधिकारी विजयदान चारण भी बुरी तरह से पिट चुके हैं। लेकिन बावजूद इसके हटे अतिक्रमणों की जमीनों पर फिर माफियाओं ने न केवल कब्जे किए बल्कि इकरारनामों पर उनका बेचान भी किया। नगरपालिका ने यहां खाली पड़ी जमीन और अवैध कब्जों की वीडियोग्राफी भी करवाई थी। स्वंय वर्तमान जिला कलक्टर ने वीडियोग्राफी को देखने के बाद हुए कब्जों को हटाने की कार्यवाही करवाई थी। लेकिन खबर हैं कि इन्ही माफियाओं ने उसी जमीन पर फिर से कब्जे कर दिए हैं।
टाऊनशीप आबाद नही की, लेकिन करोड़ों फूंक दिए पालिका ने
नगरपालिका अफसरों ने इस टाऊनशीप योजना को सफल बना कर आबाद होने से पहले सडक़ें, लाईट और अन्य सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रूपये खर्च कर दिए। इसका नतीजा यह हुआ कि इन सुविधाओं का लाभ भूमाफिया और इनके इकरानामों पर कब्जा जमाए बैठे लोग फोकट मे उठा रहे हैं। सामान्यत: किसी भी कॉलोनी मे पब्लिक के आबाद होने के बाद ही सुविधाएं विकसित की जाती हैं।
कब्जा करवाने की रेट 50 हजार और ऊपर
नगरपालिका के आयुक्त एवं अध्यक्ष के कथित पी.ए. द्वारा टाऊनशीप मे खाली पड़ी पालिका की कईं बीघा जमीन को ठिकाने लगाने के लिए माफियाओं से जोरदार सेटिंग कर रखी हैं। प्रत्येक कच्चे पक्के निर्माण की छूट देने के बदले 50 हजार और इससे बड़ी रकम बतौर रिश्वत वसूली जा रही हैं। रकम वसूलने के बाद ये कोई कार्यवाही नही कर रहे हैं। बल्कि उन्हें नियमन करने व सर्वे करवाने का झांसा देकर आश्वासन भी दे रहे हैं।
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